हल्द्वानी: अग्नीपथ योजना में अग्नीवीर के तहत अब युवाओं की सेना में नौकरी मिलेगी जहां अब सेना में युवाओं को नौकरी के लिए केवल 4 साल का समय मिलेगा ।ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा सेना में लागू किए गए इस स्कीम का सेना में भर्ती होने का सपना देख रहे युवाओं ने विरोध करना शुरू कर दिया है कई राज्यों में इस योजना का विरोध हो रहा है। अब इस स्कीम का विरोध उत्तराखंड में भी देखने को मिल रहा है जहां हल्द्वानी में भारी संख्या में युवा इस स्कीम का विरोध को लेकर सड़कों पर उतरा है।
शुक्रवार को सुबह से भारी संख्या में युवा हल्द्वानी के रामलीला मैदान इकट्ठा होकर सड़कों पर जैसे ही अपने जुलूस को लेकर तिकोनिया चौराहे पर पहुंचे इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया जहां कई प्रदर्शनकारी भाग खड़े हुए इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है ।

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विरोध करने के लिए विपक्षी पार्टियों की साज़िश है।
जो लोग उत्पात मचा रहे है उनके घर मे बुलडोज़र चलना चाहिये।
आजकल लोगों के मन में नकारात्मकता कूट कूट भरी है विशेषकर विपक्षी पार्टियां जिन्हें मोदी जी के हर कार्य एवं सुझाव में कमी ही नजर आ रही है और वह नव युवकों को भड़काने में लगे हुए हैं।
वैसे भी बड़े बड़े धन्ना सेठ ,आई आई एम ,या आईआईटी का ख्वाब देखने वाले फौज में नहीं ज्वाइन करते हैं। मध्यम श्रेणी या उससे भी कम हैशियत रखने वाले ही फौज में जाते हैं। जिस उम्र में बच्चे मटरगश्ती या आवारागर्दी करते हैं उस उम्र में करीब 22 लाख रुपया 4 साल में कमाना क्या बुराई है। 25 परसेंट बच्चे जो 4 साल के बाद फौज में रख लिए जाएंगे यह भी नियम ठीक ही है। इससे बच्चों में अनुशासन रहेगा एवं आगे के कैरियर के बारे में जागरूकता आएगी।
एनडीए सरकार की यह बहुत बड़ी सोच है और इससे निश्चित रूप से फौज का आधुनिकीकरण होगा एवं बेरोजगार बच्चों में खुशहाली आएगी