
बात पहाड़ की लोकगायक बीके सामंत की कलम से (भाग 5)
पहाड़ ‘ व पहाड़ के ठग . पता नहीं क्यों कभी – कभी अचानक से

पहाड़ ‘ व पहाड़ के ठग . पता नहीं क्यों कभी – कभी अचानक से

जीवन का सारा खेल ही जंगलों को लेकर है। जिस प्रकार एक-एक सांस को मोहताज

बात 2019 के होली से कुछ दिन पहले की है तब तत्कालीन वित्त मंत्री प्रकाश

उत्तराखंड में गंगा दशहरा का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है खासकर गंगा दशहरा

विश्व संस्कृति का महातीर्थ हिमालय आज संकट में है। हमारी ही स्वार्थपरक नीतियों ने इसे

पहाड़ ‘ व पहाड़ के ब्रो , हमारे पहाड़ में सौड़ा , हिंदी में साही

पहाड़ व पहाड़ का गीत संगीत . वो घर के आँगन की सींढ़ीयों पे बैठकर

पिछले भाग से …. पहाड़ व पहाड़ के त्यौहार ,,,करवाचौंथ ,, उस दिन मैं और

पहाड़ व पहाड़ के रोज़गार इस वर्ष 9 November को हमारा राज्य उत्तराखंड अपना बीसवाँ

पंछी की तरह बनकर उड़ जाऊं मैंलोगों से कुछ अलग कर दिखाऊं मैंआसान जिंदगी तो