
गृह प्रवेश करते ही माँ ने तीखा सवाल दागा- क्या तुम भंग पीकर आये हो? (कथा)…
भाँग (मरजुआना) हमारी परंपरा में प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। अगर यह

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सुबह घर से निकला. हाईवे पर देखा लंबी कतार देखकर बड़ा ताज्जुब हुआ. कतार जहाँ

ग्राम्य जीवन में मुर्गे का मनुष्य जीवन से गहरा सांस्कृतिक संबंध रहा है। उसकी बड़े

हल्द्वानी – कोविड19 वायरस जो पूरी दुनिया में तांडव मचा रहा है। जिसके वजह से

शिक्षक बनने से पहले शिक्षक प्रशिक्षण लेना होता है। यह एक ट्रेनिंग कॉलेज की कथा

बिखौती कुमाऊँ मनाए जाने वाला एक ऐसा त्यौहार जिसे गेंहू की फसल पकने और लहलाते

इस कहानी में एक जोशीले ड्राइवर की कथा के बहाने उस दौर के गँवई परिवेश

पहाड़ के संघर्ष भरे जीवन और सुनहरी यादों का प्रमाण घर के आंगन में बने

नये साल के आगमन पर हर कोई नये संकल्प लेता है। कुछ नया करने की

पहाड़ का नाम आते ही दिमाग में एक अलग सा चित्र बनने लगता है। बड़ी-बड़ी