हल्द्वानी: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 17 मई को होने वाली स्नातक स्तरीय परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि नकलविहीन परीक्षा ही बेहतर प्रशासन की आधारशिला है और इससे योग्य अभ्यर्थियों का चयन संभव होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस बार परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रहेगी। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, जैमर और एआई आधारित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति भी अनिवार्य होगी।
आयोग ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्रों का चयन पूरी तरह सुरक्षा मानकों के आधार पर किया जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाए। परीक्षा से पहले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी केंद्रों का निरीक्षण भी करेंगे।
अध्यक्ष मर्तोलिया ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे किसी भी दलाल या गलत माध्यम के झांसे में न आएं और अपनी मेहनत के दम पर परीक्षा दें।
बैठक में जिलाधिकारी, पुलिस अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



देहरादून :(बड़ी खबर) इस PCS अधिकारी को मिली बड़ी जिम्मेदारी
उत्तराखंड: परीक्षा में इस बार हाईटेक निगरानी, हर गतिविधि पर रहेगी नजर
उत्तराखंड: फर्जी मुकदमों का आरोप, कांग्रेस ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
उत्तराखंड: जनसुनवाई में सीएम धामी सख्त, अधिकारियों को तुरंत काम के निर्देश
उत्तराखंड: बोर्ड रिजल्ट पर सीएम धामी ने दी बधाई, छात्रों को दिया संदेश
उत्तराखंड: घंटाघर में प्रतिमा पर माल्यार्पण, बहुगुणा के योगदान को सीएम धामी ने किया याद
हरिद्वार की वंशिका ने 12वीं बोर्ड में प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया
उत्तराखंड में दूसरा स्थान हासिल कर आर्यन ने बढ़ाया ऋषिकेश का मान
बागेश्वर की गीतिका पंत ने रचा इतिहास, पूरे उत्तराखंड में पाई पहली रैंक
इंटरमीडिएट में सुशीला मेहंदीरत्ता बनीं उत्तराखंड टॉपर, 98% से किया कमाल 
