कैसा आया ये संकट, कैसी हैं ये दशा
किसको कहूं मैं अपने मन की व्यथा
हर इंसान में एक ड़र हैं
सो न जाऊं कहीं मौत के आगोश में
हर इंसान में एक ड़र हैं
खो न दूं अपने किसी करीबी को
हर इंसान में एक ड़र हैं
छू न लू कहीं किसी मरीज को
कभी तो इस डर का अंत होगा
खौफनाक रात की सुहानी सुबह होगी
गुजारों कुछ दिन सुकून के
अपने परिवार और साथी संग
जल्दी खत्म ये डरावनी रात होगी
फिर से नवजीवन की शुरुआत होगी
ADVERTISEMENTS


अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें
10 thoughts on “जल्दी खत्म ये डरावनी रात होगी, फिर से नवजीवन की शुरुआत होगी..”
Comments are closed.



हल्द्वानी: यहां खिड़की में देखा तो बैठा था तेंदुवा, फैल गई दहशत Video
हल्द्वानी: यहां सड़क दुर्घटना में एक की मौत, एक गंभीर
सीएम धामी से मिले शेफ केशव नेगी, सहयोग के लिए जताया आभार
उत्तराखंड STF की ‘लखपति इनामी’ योजना शुरू, आप भी पा सकते हैं लाखों का इनाम
उत्तराखंड:(बड़ी खबर) CM धामी के निर्देश का असर, कल बहा पुल, आज शुरू हुआ यातायात
Bhimtal: ओखलकांडा सड़क हादसे पर उठे गंभीर सवाल, निष्पक्ष जांच और ₹25 लाख मुआवजे की मांग
उत्तराखंड : यहां युवक लापता, पुल में मिली स्कूटी
उत्तराखंड : यहां सड़क किनारे मिले दंपती के शव, मची खलबली
उत्तराखंड : आज यहां बारिश के चलते छुट्टी घोषित 
bahut khub manju ji
Bahut achha.
बहुत अच्छी हैं आप की ये कविता
Nice
thx
मार्गदर्शन और हौसला अफजाई के लिए धन्यवाद
Lovely , Excellent, Keep inspiring ??
thx
Very good poem
manobal badhane ke liye sukriy