हल्द्वानी- (बड़ी खबर) VIP हुई लालकुआं सीट, हरीश रावत बनाम मोहन बिष्ट, क्या कहते है आंकड़े, जानिए..

खबर शेयर करें -

हल्द्वानी/ लालकुआं- कांग्रेस और भाजपा की देर रात जारी की गई प्रत्याशियों की सूची के साथ है कई तरह की कयासों के बीच लालकुआं विधानसभा अब प्रदेश की वीआईपी विधानसभा हो गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत रामनगर के बजाय अब लालकुआं से चुनाव लड़ेंगे। उधर बीजेपी ने भी सिटिंग एमएलए नवीन दुमका का टिकट काटकर ऐतिहासिक वोटों से जिला पंचायत का चुनाव जीतने वाले मोहन बिष्ट को अपना प्रत्याशी बनाया है। लिहाजा यह चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है।

परिसीमन के बाद लालकुआं में नहीं बना कांग्रेस का विधायक

2012 में परिसीमन के बाद बनी लालकुआं विधानसभा में अब तक कांग्रेस का विधायक नहीं बना है। 2012 में यहां कांग्रेस ने हरेंद्र बोरा को टिकट दिया और हरीश चंद्र दुर्गापाल निर्दलीय चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचे। वहीं 2017 में भाजपा के प्रत्याशी नवीन दुमका ने कांग्रेस के प्रत्याशी हरीश चंद्र दुर्गापाल को हराकर यह सीट अपने नाम की। लगातार बदलते समीकरणों के बीच एक बार निर्दलीय और एक बार भाजपा के खाते में यह सीट गई है।

एक दिन में ऐसे बदले लालकुआं में कांग्रेस के समीकरण

उधर कल देर रात हरीश रावत के लालकुआं विधानसभा से चुनाव लड़ने की खबर के बाद जब सूची जारी हुई तो उसके बाद अब तक कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी रही। संध्या डालाकोटी ने भी कांग्रेस से बगावत करने की ठान ली है। संध्या डालाकोटी ने देर रात अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स में महिलाओं के सम्मान में संध्या डालाकोटी मैदान में पोस्ट डाल कर जाहिर कर दिया है कि वह चुनाव लड़ेंगी।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड -(दुखद) आखिर कब रुकेगा यह सिलसिला, 13 वर्षीय किशोर को गुलदार ने मार डाला

गणतंत्र दिवस के दिन जहां एक और हरीश रावत और रणजीत रावत के बीच में रामनगर में सियासी द्वंद चल रहा था तो वहीं दूसरी तरफ लालकुआं विधानसभा में भी संध्या डालाकोटी को अधिकृत प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कांग्रेस में बगावत फूट रही थी,, इस बीच दिल्ली से आए पर्यवेक्षक उन्हें कांग्रेस के दावेदार हरीश चंद्र दुर्गापाल और हरेंद्र बोरा से बातचीत की तो हरीश रावत के लालकुआं विधानसभा से समीकरण उपज गए, जिसके बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य को हरीश चंद्र दुर्गापाल के आवास में भेजा गया, जहां उन्होंने दुर्गापाल और हरेंद्र बोरा से बातचीत करते हुए हरीश रावत के नाम पर एक सहमति बना ली, हालांकि इस दौरान दुर्गापाल के आवास में उनके कुछ समर्थकों ने इस पर नाराजगी भी व्यक्त की।

जब हरदा को बनाया गया लालकुआं से कांग्रेस का प्रत्याशी

देर शाम होते होते यह खबर फैल गई कि आखिर हरीश रावत रामनगर से शिफ्ट होकर लालकुआं से चुनाव लड़ेंगे और हरीश रावत वर्सेस रंजीत रावत के इस सियासी संग्राम का नया हल निकाला जाएगा और देर रात होते-होते वही हुआ हरीश रावत को लालकुआं सीट से चुनाव लड़ने के लिए अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया गया, जबकि रंजीत रावत को सल्ट भेज दिया गया।

सर्वे में आए मोहन बिष्ट को मिला BJP का टिकट

इस बीच भाजपा ने अपने 9 प्रत्याशियों की सूची जारी की जिसमें लालकुआं से मोहन बिष्ट का नाम आते ही कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ पड़ी मोहन बिष्ट पिछले दो दशक से लालकुआं में जनता के बीच कड़ी मेहनत कर रहे हैं, इस बार जिला पंचायत चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ कर उन्होंने भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों की जमानत जप्त करा दी और ऐतिहासिक वोटों से जीते। बताया यह भी जाता है कि भाजपा द्वारा कराए गए सर्वे के आधार पर मोहन बिष्ट को तत्काल देहरादून बुलाकर भाजपा ज्वाइन कराई गई और पैनल में उनका नाम भेजकर उन्हें लालकुआं से टिकट दिया गया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड- टैक्सी मैक्सी, सवारी कार, ओटो विक्रम, ई रिक्शा ट्रक, सब रहेंगे चक्का जाम में

ऐसे हैं लालकुआं विधानसभा के आंकड़े

सन 2012 के परिसीमन में धारी विधानसभा से अलग हुई लालकुआं विधानसभा में वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मध्य नजर नजर डालें तो विधानसभा में कुल 142 बूथ हैं जिनमें 121107 मतदाता हैं। जिसमें 63680 पुरुष और 57427 महिला मतदाता हैं अगर लालकुआं विधानसभा को क्षेत्रवार देखें तो चोरगलिया में 6705 मतदाता,जबकि गौलापार में 16768 मतदाता, इसके अलावा बरेली रोड क्षेत्र में सर्वाधिक 44323 मतदाता, जबकि लालकुआं टाउन क्षेत्र में 17292 मतदाता, और बिंदुखट्टा क्षेत्र में 32090 मतदाता है। जातिय समीकरण की बात करें तो 75 फ़ीसदी कुमाऊनी, 10 फ़ीसदी मैदानी, 7 फ़ीसदी मुस्लिम, 4 फ़ीसदी गढ़वाली, 2 फ़ीसदी वैश्य और 2 फ़ीसदी पंजाबी मतदाता है।

लालकुआं में 2017 में विधानसभा चुनाव के ऐसे रहे परिणाम

2022 के चुनाव में रंगने से पहले यह जानना जरूरी है कि 2017 में क्या कुछ हुआ था क्योंकि चुनाव की पृष्ठभूमि में बहुत कुछ छुपा हुआ होता है लिहाजा 2017 के विधानसभा चुनाव में 15 फरवरी 2017 को वोटिंग हुई थी जबकि रिजल्ट 11 मार्च को आया था उस इलेक्शन में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी नवीन चंद्र दुमका को 44293 यानी 54.8 फीसदी वोट मिले, जबकि दूसरे स्थान पर कांग्रेस से चुनाव लड़े हरीश चंद्र दुर्गापाल को 17185 यानी 21.3 फ़ीसदी वोट मिले। वहीं तीसरे स्थान पर कांग्रेस से बागी हुए हरेंद्र बोरा ने निर्दलीय चुनाव लड़ कर 14709 यानी 18.2% मत हासिल किए। इसके अलावा बीएसपी के राजीव मोहन को 964 और सीपीआई माले के पुरुषोत्तम शर्मा को 793 वोट मिले। पूरे इलेक्शन में 72. 35 फ़ीसदी यानी 79596 वोट पड़े।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड- (हादसा) बेकाबू ट्रक ने कई लोगों को रौंदा , रेस्क्यू जारी , Video

ब्राह्मण से सीधे ठाकुर हो गई सीट

इसके अलावा 2022 के विधानसभा चुनाव में लालकुआं विधानसभा हरीश रावत के आने से न सिर्फ वीआईपी विधानसभा बन गई है बल्कि ब्राह्मण सीट के बजाय ठाकुर से में भी तब्दील हो गई है। पूरी तरह से राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं ऐसे में चुनाव की बेहद दिलचस्प हो गया है कांग्रेस से भी जहां संध्या डालाकोटी ने चुनाव मैदान में निर्दलीय रूप से उतरने की ठानी है तो वहीं भाजपा से भी बगावत की खबर आ रही है। मैदानी क्षेत्र का वोट बैंक संभाले पवन चौहान ने भी अपनी जन पंचायत बुलाई है जबकि अब तक लाल कुआं के विधायक रहे नवीन दुमका ने भी अपने समर्थकों को अपने आवास में बुलाया है।

About Post Author

Ad
Ad
Ad
Ad
Ad
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें

WP Post Author

0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments