देहरादून। कालसी वन प्रभाग की चौहड़पुर रेंज में वन विभाग के संविदा कर्मी और सर्प मित्र आदिल मिर्जा ने चार इंडियन रैट स्नेक का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया।
आदिल मिर्जा को डाकपत्थर स्थित डांडा कॉलोनी में इंडियन रैट स्नेक के एक जोड़े के दिखाई देने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और दोनों सांपों को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद छरबा और विकासनगर के दुर्गा विहार क्षेत्र से भी दो अन्य इंडियन रैट स्नेक का रेस्क्यू किया गया।
रेस्क्यू के बाद सभी सांपों को आरक्षित वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया…ताकि वे प्राकृतिक वातावरण में रह सकें।
आदिल मिर्जा ने कहा कि वन्यजीवों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ने से अब लोग सांप दिखने पर उन्हें नुकसान पहुंचाने के बजाय रेस्क्यू टीम को सूचना दे रहे हैं। इससे वन्यजीव संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
क्या है इंडियन रैट स्नेक?
इंडियन रैट स्नेक एक गैर-विषैला (बिना जहर वाला) और बेहद फुर्तीला सांप होता है। यह मुख्य रूप से चूहों और खेतों को नुकसान पहुंचाने वाले अन्य जीवों को खाता है। इसी कारण इसे किसानों का मित्र भी कहा जाता है। यह फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले चूहों की संख्या नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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