Haldwani News- लंबे समय से सुशीला तिवारी अस्पताल में मोबाइल चोरी की खबरें आती रहती है। यहां चोर हर दिन लगभग मरीजों और तीमरदारों के मोबाइल चोरी करते रहते है। तब लगता था चोर बाहर से आता है और मोबाइल चोरी कर ले जाता है लेकिन पूरा मामला कोरोनाकाल में खुल गया, कोरोना मरीजों के मोबाइल गायब होने लगे। कोरोना वार्ड से मरीजों के चोरी हुए मोबाइल फोन महिला सफाई कर्मचारी के पास बरामद हुए हैं। पुलिस महिला से पूछताछ कर रही है। हालांकि महिला कर्मी चोरी से इंकार कर रही है।
सुशीला तिवारी के कोरोना वार्ड से मरीजों के फोन चोरी होने का कोतवाली पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसममें छड़ायल निवासी महिला ने तहरीर में कहा है कि उसके पति रमेश सिंह को कोरोना संक्रमण के चलते बीती आठ मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। नौ मई को पिता पति का हाल जानने अस्पताल गए थे। लेकिन उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया। उसी वार्ड में भर्ती मुखानी निवासी भुवन का मोबाइल फोन भी चोरी कर लिया गया। मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने पीडि़तों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया।
इसके बाद पुलिस ने छानबीन की तो अस्पताल में सफाई का काम करने वाली बनभूलपुरा निवासी सफाई कर्मचारी के कब्जे से दोनों मोबाइल फोन बरामद किये। जिसके बाद पुलिस महिला सफाई कर्मचारी से पूछताछ में जुटी हुई है। सुशीला तिवारी से लंबे समय से चोरी हो रहे मोबाइल फोन मामले में कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता के बारे में बता रही है। महिला का कहना है कि मोबाइल फोन उसने नहीं चुराए, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति से उसने ये फोन खरीदे हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर से गायब हुए अन्य कई मोबाइल फोन के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। जिसमें अन्य कई लोगों की मिलीभगत सामने आ सकती है।

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1 thought on “उत्तराखंड- सुशीला तिवारी में मरीजों के मोबाइल चुराती थी सफाई कर्मी, ऐसे खुला राज”
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