उत्तराखंड: देहरादून नवादा सरकारी स्कूल में बनी अवैध मजार को प्रशासन ने किया ध्वस्त
देहरादून: राजकीय प्राथमिक विद्यालय नवादा में बनी अवैध मजार को आज धामी सरकार के बुल्डोजर ने ध्वस्त कर दिया। उक्त अवैध मजार के स्कूल परिसर में रहने को लेकर कई संगठनों
ने एतराज जताया था।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय नवादा जोकि रायपुर खंड में है,यहां अवैध रूप से बनी संरचना को लेकर कई संगठनों द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसे नोटिस देने के बाद आज हटा दिया गया ।
जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री हेल्प लाइन में भी इस आशय की शिकायत दर्ज की गई थी कि यहां अवैध मजार की वजह से बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत असर पढ़ रहा है।
जिला प्रशासन की टीम ने नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह के नेतृत्व में जाकर उक्त अवैध संरचना को जेसीबी से ध्वस्त करते हुए हटा दिया गया। उन्होंने बताया कि इस बारे में विद्यालय प्रशासन द्वारा जिला प्रशासन को इस बारे में पूर्व में अवगत कराया गया था। इस दौरान विद्यालय परिसर के आसपास पुलिस फोर्स को भी तैनातकीय गया।
अवैध संरचना को हटाने के दौरान यहां किसी भी प्रकार के अवशेष नहीं मिले।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड की धामी सरकार राज्य में 543 अवैध मजारे हटाई गई है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ये कहते रहे है कि राज्य में सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण सहन नहीं किया जाएगा। ये हरि नीली चादरों का धंधा बंद किया जाएगा।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



उत्तराखंड : तबादला नियम पर शासन का नया आदेश
केशव नेगी मामले में मुख्यमंत्री धामी ने की दिल्ली की मुख्यमंत्री से की बात
उत्तराखंड: दयारा बुग्याल लापता बबीता पांडे मामला, सर्च ऑपरेशन में लगे हेलीकॉप्टर, जानिये क्या निकला
न्याय में देरी नहीं, समयबद्ध समाधान जरूरी: जूडिशियम 2.0 सम्मेलन में बोले मुख्यमंत्री धामी
टैटू बना सुराग, उत्तराखंड पुलिस ने 25 दिन में सुलझाया ब्लाइंड मर्डर केस
नैनीताल : नियमित वर्कचार्ज कर्मचारियों की बैठक संपन्न, नई कार्यकारिणी का हुआ गठन
उत्तराखंड: SIR की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को BLO घर-घर बांटेंगे गणना फार्म
नैनीताल के रूसी बाईपास पर पर्यटकों का हाई वोल्टेज ड्रामा
ब्रिक्स मंच पर गूंजा उत्तराखंड का आपदा प्रबंधन मॉडल, सिल्क्यारा रेस्क्यू बना मिसाल 
