शुभ मुहूर्त : इस साल 105 दिन गूंजेगी शादी की शहनाई
हरिद्वार। नए साल का आगाज हो गया है। 16 जनवरी से शुभ घड़ी भी शुरू हो जाएगी। इस वर्ष 105 दिन घरों में शादी की शहनाइयां बजेंगी। सबसे ज्यादा 14 दिन नवंबर में और सबसे कम तीन दिन दिसंबर में विवाह व अन्य मांगलिक कार्य के लिए शुभ मुहूर्त रहेगा।
आचार्य विकास जोशी व रमेश सेमवाल ने बताया कि सनातन धर्म में हमेशा शुभ मुहूर्त देखकर ही कार्य करने का विधान है। 16 दिसंबर को पौष मास प्रारंभ होने के साथ ही सूर्य के धनु राशि में होने से खरमास चल रहा है। 14 जनवरी को सूर्य के मकर राशि में गोचर करने और उत्तरायण होने के बाद शुभ कार्य शुरू होंगे। इसके बाद पूरे साल 105 दिन विवाह के शुभ मुहूर्त हैं।
आचार्य विकास जोशी ने बताया कि शुभ मुहूर्त में विवाह होने से दांपत्य जीवन सुखमय होता है। इसलिए शुभ कार्य के लिए मुहूर्त देखना अनिवार्य माना गया है। इससे जीवन में परेशानियां नहीं आती हैं।
उन्होंने बताया कि जनवरी में आठ दिन, फरवरी में 10, मार्च में 6, अप्रैल में 10, मई में 11, जून में 4, जुलाई में 8, अगस्त में 13, सितंबर में 9, अक्तूबर में 13, नवंबर में 14 और दिसंबर में सबसे कम 3 दिन ही शुभ मुहूर्त हैं।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



उत्तराखंड: धारचूला में महिला की मौत से हड़कंप, घर में मिले खून के निशान, लिव-इन पार्टनर फरार
उत्तराखंड : यहां महिला की हत्या, लिव-इन पार्टनर फरार
हल्द्वानी: CM धामी के निर्देश पर अवैध धार्मिक संरचना पर कार्रवाई, राजपुरा में अवैध मजार हटाई गई
हल्द्वानी : दीपावली पर क्षेत्रवासियों को मिली बड़ी सौगात, कलसिया नाले पर वैली ब्रिज से शुरू हुआ यातायात
देहरादून : (बड़ी खबर) लोअर PCS की भर्ती आई
अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस को दिया राष्ट्रपति पुलिस निशान, देश का 16वां राज्य बना उत्तराखंड
भाजपा में भीमताल सीट को लेकर दावेदारी शुरू, कमलेश भट्ट ने संगठन के सामने रखी अपनी बात
अग्निवीर योजना खत्म कर सेना में नियमित भर्ती बहाल करे केंद्र, यशपाल आर्य ने उठाई मांग
हिमाचल से दोगुने बजट वाला हुआ उत्तराखंड! अमित शाह के सामने CM धामी ने गिनाईं प्रदेश की उपलब्धियां
देहरादून में अमित शाह ने राहुल गांधी को लेकर क्या कहा? कांग्रेस पर भी साधा निशाना, पढ़िए पूरा संबोधन 
