उत्तराखंड: एक घंटे में मौके पर पहुंचेंगे अधिकारी, 1000 फॉरेस्ट गार्ड की होगी भर्ती

KhabarPahad-App
खबर शेयर करें -

देहरादून। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और मानसून तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगलों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और वनाग्नि की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें।

मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में “शीतलखेत मॉडल” लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि फायर लाइन के आसपास छोटी-छोटी तलैया बनाई जाएं और आग बुझाने वाले कर्मचारियों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी :(बड़ी खबर) सांसद अजय भट्ट रोडवेज बस से दिल्ली रवाना, ईंधन बचाओ अभियान

बैठक में मुख्यमंत्री ने फॉरेस्ट गार्ड के 1000 नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा वन पंचायतों और ग्राम समितियों को वनाग्नि रोकथाम के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध कराने को कहा गया।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए हर वन डिवीजन में पशु चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पेयजल संकट न होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए और खराब पड़ी लाइनों को जल्द ठीक किया जाए। तीर्थ और पर्यटन स्थलों पर भी पानी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया। साथ ही प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल : (बड़ी खबर) मैदानी इलाकों में बदली स्कूल की टाइमिंग, भीषण गर्मी का प्रकोप

मानसून सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के प्रभारी सचिवों को अपने-अपने क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। अस्पतालों में साफ-सफाई बेहतर रखने और गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित देखभाल सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। मानसून के दौरान गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा गया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड : अवैध खनन रोकने पर वन कर्मी पर जानलेवा हमला, ट्रैक्टर चालक ने कुचलने की कोशिश

चारधाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन यात्रियों की स्क्रीनिंग में स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने आए, उन्हें यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारू बनी रहे।

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें