उत्तराखंड: मां ने बेटी के अपहरण की दर्ज कराई रिपोर्ट, जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

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देहरादून। देहरादून में 15 वर्षीय किशोरी के अपहरण के मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने चौंकाने वाले तथ्य आए हैं। पुलिस का दावा है कि शुरुआती जांच में मामला अपहरण का नहीं…बल्कि नाबालिग की खरीद-फरोख्त से जुड़ा मिला है। इस मामले में पुलिस ने किशोरी को सकुशल बरामद करते हुए उसकी मां समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार 5 जुलाई को राजपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपनी बेटी के लापता होने और अपहरण किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के साथ कई स्थानों पर तलाश अभियान चलाया।

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जांच के दौरान किशोरी का पता उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में चला। पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर उसे सुरक्षित बरामद किया और दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने एक अन्य महिला और किशोरी की मां को भी गिरफ्तार कर लिया।

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पुलिस का कहना है कि पूछताछ में सामने आया कि आर्थिक तंगी के कारण नाबालिग के सौदे की बात हुई थी। पुलिस का आरोप है कि तय रकम पूरी नहीं मिलने और मामला उजागर होने की आशंका के बाद अपहरण की शिकायत दर्ज कराई गई थी।

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राजपुर थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने कहा कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ पॉक्सो अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह के मामलों या किसी मानव तस्करी गिरोह से जुड़े रहे हैं। मामले की जांच जारी है।

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