Aknur Motors, Bindukhatta
उत्तराखंड के इस वरिष्ठ PCS अधिकारी की तीसरी पुस्तक जल्द पाठकों के बीच

उत्तराखंड के इस वरिष्ठ PCS अधिकारी की तीसरी पुस्तक जल्द पाठकों के बीच, पहले दो पुस्तकें रही है सुर्खियों में

Bansal Sarees & Bansal Jewellers Ad
खबर शेयर करें
  • 52
    Shares

उत्तराखंड के वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी व वर्तमान में संभागीय खाद्य नियंत्रक व गन्ना आयुक्त के पद पर तैनात ललित मोहन रयाल की तीसरी पुस्तक जल्द पाठकों के बीच आने वाली है। ‘खड़क माफी की स्मृतियों से’ और ‘अथ श्री प्रयाग कथा’ पुस्तक के प्रकाशित होने के बाद हिंदी साहित्य में अलग तरीके की विशिष्ट शैली की पहचान बन चुके ललित मोहन रयाल की तीसरी पुस्तक ”कारी तू कब्बि ना हारी” फरवरी महीने में पाठकों के बीच आ जाएगी जिसका कवर पेज भी आ चुका है।

ankur motors ad

यह भी पढ़े 👉 उस दौर में एक ओर मुर्गी चोरी बड़ा तुच्छ किस्म का सामाजिक अपराध माना जाता था, तो दूसरी ओर जोखिम उठाने वाले युवाओं की आपसदारी में ‘कुक्कुट हरण’ को एडवेंचर किस्म का दर्जा हासिल रहता था…पढ़े कहानी…….

लेखक ललित मोहन रयाल ने इस पुस्तक में पिता की स्मृतियों को न सिर्फ संजोया है बल्कि जीवन के संघर्ष, सेवा समर्पण और रिश्तो की बुनावट सहित कई प्रसंग बेहद सजगता के साथ लिखें है। और पाठकों को यह पुस्तक हर उस पिता की संघर्षों की कहानी का बोध कराएगा जिसे पढ़कर उन्हें यह अपनी सी लगने लगेगी। लेखक ललित मोहन रयाल की ”कारी तू कब्बि ना हारी” पुस्तक के लिए अब तक कई लोगों की समीक्षा सामने आ गई है जिस तरह कई वरिष्ठ लेखकों ने ललित मोहन रयाल की इस पुस्तक की समीक्षा की है उसे पढ़कर पाठकों को इस पुस्तक के प्रकाशित होने का बेसब्री से इंतजार है।

यह भी पढ़े 👉 यह एक ट्रेनिंग कॉलेज की कथा है, जिसमें एक ट्रेनी शिक्षक कुछ चालू पुरजों के बीच फँस जाता है… पूरी पढ़ें..

ललित मोहन रयाल
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 सिग्नल एप्प से जुड़ने के लिए क्लिक करें

👉 हमारे फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 हमें ट्विटर (Twitter) पर फॉलो करें

👉 एक्सक्लूसिव वीडियो के लिए हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

अंततः अपने क्षेत्र की खबरें पाने के लिए हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें

Ad-Website-Development-Haldwani-Nainital
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x