उत्तराखंड में गौमाता को ‘राज्यमाता’ घोषित करने की मांग तेज, करणी सेना ने CM धामी को सौंपा ज्ञापन

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देहरादून। उत्तराखंड में गौमाता को ‘राज्यमाता’ का दर्जा देने की मांग को लेकर करणी सेना पंजीकृत के कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी से देहरादून तक अभियान चलाया। संगठन के पदाधिकारी और गौसेवक मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने पहुंचे।

संगठन के अनुसार देहरादून पहुंचने से पहले कार्यकर्ताओं ने हरिद्वार में गंगा आरती में भाग लिया और अपने अभियान की सफलता का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री आवास के बाहर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री से मिलने की अनुमति दी गई।

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प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपते हुए उत्तराखंड में गौमाता को ‘राज्यमाता’ घोषित करने की मांग रखी। साथ ही गौ संरक्षण, गौ सुरक्षा और गौ संवर्धन के लिए प्रभावी कानून बनाने तथा प्रदेश की सरकारी और अन्य गौशालाओं का नियमित निरीक्षण कराने की भी मांग की गई।

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संगठन का कहना है कि नियमित निगरानी से गौशालाओं की व्यवस्था बेहतर होगी और वहां मौजूद गौवंश को उचित देखभाल मिल सकेगी।

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करणी सेना के अनुसार मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बात सुनी और मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। संगठन ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार गौ संरक्षण से जुड़े विषयों पर आवश्यक कदम उठाएगी।

इस दौरान करणी सेना पंजीकृत उत्तराखंड के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गौसेवक मौजूद रहे।

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