लालकुआं- रॉयल्टी कम कराने एवं भाड़ा बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले 1 सप्ताह से काम बंद कर हड़ताल कर रहे गौला खनन व्यवसायियों में आखिरकार फूट पड़ गयी। और आधे से अधिक खनन व्यवसायियों ने गौला नदी में गाड़ी डालकर पुराने रेटो में ही आज से व्यवसाय करना शुरू कर दिया हैं। व्यवसायियों का कहना है कि यह आंदोलन राजनीति की भेंट चढ़ गया है। इसलिए उन्होंने कदम पीछे खींच लिये।
गुरुवार की प्रातः 10 बजे गौला निकासी लालकुआं गेट के डेढ़ सौ से अधिक खनन व्यवसायियों ने अपने खनन वाहन नदी में उतार कर कारोबार शुरू कर दिया। उक्त व्यवसाईयों का कहना था कि 1 सप्ताह से उन्होंने अपना व्यवसाय बंद कर आंदोलन चला रखा था। परंतु राज्य सरकार के प्रतिनिधि अब तक बिल्कुल भी सकारात्मक नहीं हुए हैं। और ना ही राज्य सरकार ने रॉयल्टी की दरों को ही कम किया है। जबकि भारी संख्या में नेतागण उनके पास आकर मात्र सांत्वना दे रहे हैं। लेकिन राज्य सरकार उनकी मांगों को पूरी तरह अनसुना कर रही है, जबकि भूमि समतलीकरण करने की बेबुनियादी दलील देकर पट्टे की रॉयल्टी न्यूनतम की गई है, तथा गौला खनन की रॉयल्टी आसमान छू रही है।

जिससे खनन व्यवसायियों का धंधा पूरी तरह चौपट हो चुका है। गौला नदी में मौजूद मजदूरों के यहां से पलायन करने के चलते उन्हें आज अपनी गाड़ी लेकर नदी में जाना पड़ा। लालकुआं गौला निकासी गेट के अध्यक्ष जीवन कबडवाल का कहना है कि सत्ता से जुड़े मजबूत लोग इस मामले में नेतागिरी कर रहे हैं, इससे नाराज होकर खनन व्यवसायियों ने आज से अपना कारोबार शुरू कर दिया है। वही स्टोन क्रेशर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल का कहना है कि जब तक खनन की रॉयल्टी कम नहीं होती वह भाड़ा नहीं बड़ा पाएंगे। क्योंकि स्टोन क्रेशर संचालकों को काफी नुकसान हो रहा है। कुल मिलाकर लगता है रॉयल्टी कम कराने एवं भाड़ा बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब राजनीति की भेंट चढ़ते हुए अंतिम सांसें गिन रहा है।
जबकि क्षेत्रीय विधायक नवीन दुम्का का कहना है कि वह मुख्यमंत्री से वार्ता करने देहरादून गए हुए हैं शाम 5 बजे बाद उनकी मुख्यमंत्री से वार्ता होगी उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही रॉयल्टी कम कर दी जाएगी। इधर पूर्व दर्जा राज्यमंत्री एवं भाजपा नेता हेमंत द्विवेदी का कहना है कि भाड़ा बढ़ाने के मुद्दे पर उनकी मंडलायुक्त कुमाऊं, जिलाधिकारी नैनीताल और उप जिलाधिकारी से वार्ता हुई है कि वह स्टोन क्रेशर संचालकों पर दबाव बनाकर भाड़ा बढ़ाए तथा उनकी मुख्यमंत्री से भी वार्ता हुई है जल्द ही खनन रॉयल्टी भी कम हो जाएगी। इधर मोटाहल्दु में खनन व्यवसायियों ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जहां कल को महापंचायत भी होने वाली है। कुछ खनन व्यवसायियों ने रॉयल्टी कम ना होने और भाड़ा न बढ़ाए जाने पर आत्मदाह तक करने की चेतावनी दे डाली है।


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