देहरादून। राज्य के मेधावी दिव्यांग छात्र-छात्राओं को सिविल सेवा परीक्षा की ऑनलाइन कोचिंग योजना में सरकार ने अहम बदलाव किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर योजना में आवेदक की सालाना पारिवारिक आय की सीमा दो लाख से आठ लाख रुपये कर दी गई। बुधवार को समाज कल्याण निदेशक डॉ. संदीप तिवारी ने ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में इसकी पुष्टि की।
डॉ. तिवारी ने बताया कि दो लाख की सीमा से दिव्यांग छात्र-छात्राओं के अवसर सीमित हो रहे थे। अधिकांश छात्र इसमें नहीं आ रहे थे। सालाना पारिवारिक आय की सीमा आठ लाख होने के बाद ज्यादा से ज्यादा दिव्यांग मेधावी योजना का लाभ उठा सकेंगे। मालूम हो कि मुख्यमंत्री ने नवंबर में इस
योजना की घोषणा की थी। राज्य की यह अपनी तरह की अनूठी योजना है। इसमें चयनित मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से ऑनलाइन माध्यम से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी।
आवेदक का उत्तराखंड का मूल निवासी, स्नातक तृतीय वर्ष का छात्र होना चाहिए। उसकी दिव्यांगता 40% या अधिक होनी अनिवार्य है। आवेदन 24 दिसंबर तक कर सकते हैं। आवेदन पत्र www.socialwelfair.uk.gov.in से फ्री डाउनलोड कर सकते हैं। इन्हें हल्द्वानी स्थित समाज कल्याण निदेशालय भेजा जा सकता है या गूगल फार्म लिंक पर भर सकते हैं। कक्षाएं जनवरी 2026 से होनी प्रस्तावित हैं।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



हल्द्वानी: एसओजी और काठगोदाम पुलिस की कार्रवाई, 2 किलो चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार
उत्तराखंड: पर्यटकों को हटाकर सील हुआ रिजॉर्ट, बिजली भी काटी, नैनीताल प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
उत्तराखंड : अवैध वसूली के आरोप में आरटीओ दरोगा सस्पेंड, परिवहन मंत्री ने मांगी जांच रिपोर्ट
देहरादून:(बड़ी खबर) समय से पहले आ सकता है मानसून
उत्तराखंड : विदेश भेजने के नाम पर ठगी, उत्तराखंड में 14 फर्जी एजेंट बेनकाब
हल्द्वानी :(बड़ी खबर) फिर इन प्राइवेट स्कूलों पर हुई कार्रवाई
उत्तराखंड: जमीन बंटवारे को लेकर भाइयों में खूनी संघर्ष, बड़े भाई ने छोटे की काट दी कलाई
उत्तराखंड: केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालु हो जाएं सावधान, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
उत्तराखंड : यहाँ नाबालिग प्रेमी के घर पहुंची युवती, बोली- शादी करके ही लौटूंगी
उत्तराखंड: द्रौपदी मुर्मू के हाथों पूजा राणा को मिला राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 
