- प्रदेश के जर्जर स्कूल भवनों में बच्चों को न बैठाने के निर्देश
देहरादून। बरसात के दौरान जर्जर स्कूल भवनों में हादसे रोकने के लिए शिक्षा विभाग सतर्क हो गया है। विभाग माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने जर्जर स्कूल भवनों में बच्चों को न बैठाने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही उन स्कूलों को आपदा प्रबंधन योजना बनाने के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने अभी तक योजना नहीं बनाई है। शिक्षा निदेशक ने कहा, प्रदेश आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील है। पिछले कुछ वर्षों में बरसात के दौरान भूस्खलन, अतिवृष्टि, बाढ़ और बादल फटने की कई प्राकृतिक घटनाएं संज्ञान में आई हैं। जिसे ध्यान में रखते हुए विद्यालयों के आस-पास संभावित भूस्खलन क्षेत्र में जनसामान्य की मदद से सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
यदि कोई स्कूल भवन अधिक क्षतिग्रस्त है तो उसे ध्वस्त किया जाए। विद्यालय के रास्ते में बरसाती नदी, नाला, गदेरे का खतरा है तो छात्र-छात्राएं अभिभावकों के संरक्षण में ही विद्यालय आएं। इस संबंध में विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से अभिभावकों और छात्रों के लिए निर्देश दिए जा सकते हैं।
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