
रंगीली बिंदी, घागर काई, धोती लाल किनर वाई, हाय हाय हाय रे मिजाता, हो हो होई रे मिजाता…… चला गया उत्तराखंड का ‘हीरा’
रंगीली बिंदी, घागर काई, धोती लाल किनर वाई, हाय हाय हाय रे मिजाता, हो हो

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15 जून को लगता है, विश्व प्रसिद्व कैची मेला इस बार कोरोनावायरस संक्रमण काल के

उत्तराखंड में कोरोनावायरस के तेजी से फैलने के बाद लॉक डाउन में सभी धार्मिक कार्यक्रम

पौड़ी- लॉकडाउन का सीधा असर अब भगवान पर होता भी दिखाई देने लगा है,पौड़ी के

पहाड़ ‘ व पहाड़ के ठग . पता नहीं क्यों कभी – कभी अचानक से

जीवन का सारा खेल ही जंगलों को लेकर है। जिस प्रकार एक-एक सांस को मोहताज

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बात 2019 के होली से कुछ दिन पहले की है तब तत्कालीन वित्त मंत्री प्रकाश

नैनीताल– उत्तराखंड के जंगलों में और पहाड़ी ग्रामीण परिवेश में इन दिनों का फल की

उत्तराखंड में गंगा दशहरा का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है खासकर गंगा दशहरा