खैरालिंग TEMPAL

उत्तराखंड- पहाड़ के पांच सौ वर्ष पुराने इस मंदिर में नहीं लग पाएगा मेला

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पौड़ी- लॉकडाउन का सीधा असर अब भगवान पर होता भी दिखाई देने लगा है,पौड़ी के प्रसिद्ध ऐतिहासिक खैरालिंग मंदिर में होने वाला मेला भी इसकी भेंट चढ़ गया है, खैरालिंग मेले के नाम से विख्यात 500 वर्ष पूर्व का यह प्रसिद्ध मंदिर कभी पशुबलि के नाम से जाना जाता था, मगर एक दशक पहले यहां पर पशुबलि पूर्ण रूप से बन्द कर दी गयी । तब से हर वर्ष दो दिवसीय मेला असवालस्य्यू पट्टी के मुंडेश्वर नामक स्थान पर होता चला आ रहा था, मगर इस वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण यह मेला स्थगित किया गया। इससे पहले भी पौडी जनपद के कंडवालस्य्यू पट्टी के प्रसिद्ध डांडानागराजा मेला भी कोरोना संक्रमण की भेंट चढ़ चुका है, यह इतने वर्षों में पहली बार हो रहा है कि इस दिन मंदिर प्रांगण खाली ओर सुनसान है। इस वर्ष केवल राजस्व पुलिस प्रशासन एंव मीडिया के अलावा स्थानीय गिने चुने जनप्रतिनिधि ही प्रशाशन की अनुमति लेकर खैरालिंग महादेव में कोरोना बैश्विक महामारी बीमारी से निजात पाने की मन्नत मांगने के लिए पहुँचे। जिला पंचायत सदस्य संजय डबराल ने बताया कि यह पहली बार हुआ है, कि मंदिर परिसर इस समय सुना पड़ा है जबकि पिछले वर्षों में आज के दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पर पहुंचते थे.

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