Wildlife Corridor

12 KM का ये गलियारा क्यों है खास? जानिए कैसे बदल रहा है जंगल का भविष्य

KhabarPahad-App
खबर शेयर करें -

देहरादून: दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे पर बना एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर इन दिनों खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह सिर्फ एक सड़क नहीं…बल्कि प्रकृति और विकास के बीच संतुलन का शानदार उदाहरण बनकर उभरा है। 12 किलोमीटर लंबा यह खूबसूरत गलियारा हर गुजरने वाले यात्री को आकर्षित करता है और वन्य जीवों के लिए सुरक्षित रास्ता भी प्रदान करता है।

इस कॉरिडोर को तीन हिस्सों….गणेशपुर, मोहंड और आसारोडी तक के जोन में बांटा गया है। यह पूरा क्षेत्र घने जंगलों से होकर गुजरता है…जिसमें Rajaji National Park और शिवालिक वन क्षेत्र शामिल हैं।
कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां वन्य जीव बिना किसी डर के आ-जा सकते हैं। हाथी, नीलगाय, सांभर, तेंदुआ और जंगली सुअर जैसे कई जानवर इस रास्ते का आसानी से उपयोग कर रहे हैं। इससे न केवल उनकी सुरक्षा बढ़ी है…बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आई है।

इस प्रोजेक्ट की एक और खास बात यह है कि इसे इस तरह तैयार किया गया है कि किसी भी व्यक्ति का विस्थापन नहीं हुआ। यानी विकास के साथ-साथ लोगों और प्रकृति दोनों का ध्यान रखा गया है।
पर्यावरण के लिहाज से भी यह कॉरिडोर काफी अहम है। आने वाले 20 वर्षों में इससे कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में भारी कमी आएगी…जो लाखों पेड़ों के बराबर प्रभाव डालेगी। साथ ही लगभग 19 प्रतिशत ईंधन की बचत का भी अनुमान है।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी : गौला नदी में नहाते समय 17 वर्षीय किशोर बहा, तलाश में जुटी पुलिस और SDRF

इस पहल से न केवल वन्य जीवों को सुरक्षित रास्ता मिला है…बल्कि पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। कुल मिलाकर यह कॉरिडोर विकास और पर्यावरण संरक्षण का ऐसा मॉडल बनकर सामने आया है…जिसे हर कोई पसंद कर रहा है।

ADVERTISEMENTSAd AdAd Ad
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें