उत्तराखंड: 15 जून को कैंची धाम जाने वाले जरूर पढ़ें, ट्रैफिक और शटल सेवा का पूरा प्लान

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नैनीताल। बाबा नीम करौरी महाराज के कैंची धाम स्थापना दिवस मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कैंची धाम मंदिर परिसर में अधिकारियों, मंदिर समिति और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी इंतजाम समय पर पूरे करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि 15 जून को आयोजित होने वाले मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में यातायात, पार्किंग, शटल सेवा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, साफ-सफाई और बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए…ताकि किसी भी श्रद्धालु को परेशानी न हो।

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उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार किया जाए और उन्हें सुगम दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही शिप्रा नदी और आसपास के क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी रखने को कहा गया।

प्रशासन ने मेले के दौरान विभिन्न स्थानों से शटल सेवा संचालित करने की तैयारी की है। इन स्थानों पर पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, टेंट और पीए सिस्टम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक शटल संचालन स्थल पर प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग के प्रतिनिधि तैनात रहेंगे।

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मेले के लिए कुल 254 बसें और 250 टैक्सी व मैक्सी कैब की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के लिए हल्द्वानी से कैंची धाम का किराया 150 रुपये, नैनीताल और भीमताल से 100 रुपये तथा भवाली और खैरना से 50 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। मेले के दौरान तीन एंबुलेंस और मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी। भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक योजना भी तैयार की जा रही है।

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जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए मेले के दौरान मार्गों पर अतिक्रमण, फूड वैन और अनधिकृत भंडारों की अनुमति नहीं होगी। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी रखेंगी।

प्रशासन का उद्देश्य है कि बाबा नीम करौरी महाराज के स्थापना दिवस मेले का आयोजन सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक वातावरण में संपन्न कराया जाए।

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