देहरादून- 2 दिन पूर्व रुद्रप्रयाग जिले के नरकोटा में निर्माणाधीन पुल हादसे में सरकार ने सख्त एक्शन लेते हुए निर्माणाधीन पुल की नियमित तौर पर मॉनिटरिंग न करने पर सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया है जबकि एक अधिशासी अभियंता को अटैच किया गया है। सरकार की इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
दरअसल 20 जुलाई को नरकोटा में निर्माणाधीन पुल की शटरिंग गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई थी और 6 मजदूर घायल हो गए थे। इस पूरे मामले में प्रमुख अभियंता एयाज अहमद की तरफ से रिपोर्ट दी गई जिस पर नियमित तौर पर मॉनिटरिंग न करने पर लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु के निर्देश पर ए ई राजीव शर्मा को सस्पेंड कर पौड़ी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। जबकि जेई रवि कोठियाल को देर शाम प्रमुख अभियंता ने सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा अधिशासी अभियंता बलराम मिश्रा को मुख्यालय से अटैच कर दिया है। प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग आरके सुधांशु ने इंजीनियरों को निर्देश देते हुए कहा है की निर्माण कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग होनी चाहिए ऐसा नहीं करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें
1 thought on “उत्तराखंड- (बड़ी खबर) लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, दो अधिकारी सस्पेंड, एक अटैच”
Comments are closed.



सरकारी कर्मचारियों के लिए आई खास किताब! सीएम धामी ने किया विमोचन, बताए बड़े फायदे
एक क्लिक में खातों में पहुंचे करोड़ों रुपये! सीएम धामी ने 488 महिलाओं को दी बड़ी सौगात
उत्तराखंड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने देशभर के विद्वानों से मांगे सुझाव
उत्तराखंड: यहां घर में घुस कर युवक की हत्या, दहशत में इलाके को लोग
देहरादून :(बड़ी खबर) इस भर्ती परीक्षा की आई UPDATE
उत्तराखंड : धर्म नगरी में दो साधुओं के हत्यारे पकड़े गए, ये था हत्या का कारण
उत्तराखंड : यहां अचानक गोलियों की आवाज से दहशत, युवक की मौत, महिला घायल
हल्द्वानी :(बड़ी खबर) यहां दर्दनाक हादसा, टंकी की शटरिंग खोलने के दौरान माँ और दो बेटों की मौत
सीएम धामी सरकार का बड़ा फैसला, पत्रकारों और उनके परिवारों को मिलेगी आर्थिक मदद
जापान में नौकरी का सुनहरा मौका! उत्तराखंड के युवाओं के लिए खुलेंगे नए रास्ते 


Suspension कोई विधिक दंड नहीं है। यह आम जनता का गुस्सा शांत करने का एक तरह से लोली पॉप थमाना का काम है
इसके उपरांत विभागीय कार्यवाही होने पर वे कर्मचारी निर्दोष साबित हो जायेंगे तो suspension period का समस्त वेतन इन्हे मिल जायेगा
क्योंकि राज्य सरकार में कोई नियम या कायदे कानून काम नही करते सिर्फ यूनियन बाजी से दोषी भी अपनी नाजायज मांग मनवा लेता है