उत्तराखंड-(खुशखबरी) दवाई 17 फ़ीसदी सस्ती, इन दवाओं के रेट हुवे कम

KhabarPahad-App
खबर शेयर करें -
  • दवाओं की कीमतों में 17 फीसदी की कमी, पैरासिटामोल मिलेगी अब इतने रूपये मे।

उत्तराखंड- ( नितेश बिष्ट) बाजारों में चीजों के दाम बढ़ते घटते रहते हैं। जनता इस चीज से वाकिफ है कि यह दौर महंगाई का है लेकिन फिलहाल अभी जरूरी दवाइयों की कीमतों में 17 फ़ीसदी की कमी पाई गई है। दरअसल राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने यह दावा करते हुए कहा की जरूरी दवाओं की कीमतों में 17 फ़ीसदी तक गिरावट आई है।

अब आपको दवाइयों के दुकानों में पेरासिटामोल दवा 1 रूपये से भी कम कीमत पर उपलब्ध होगी। संशोधन के बाद दवाओं की सूची में अब तक 651 दवाओं की कीमतों में गिरावट आई है। जानकारी के मुताबिक पेरासिटामोल 500 एमजी की गोली 15 फ़ीसदी तक सस्ती हुई। इस दवाई की एक गोली की कीमत अब 89 पैसे है, वही मधुमेह टाइप–2 के मरीजों के लिए मेटफार्मिन अब 2 रूपये में मिलेगी। साथ ही अगले 15 से 25 दिन में 200 से अधिक दवाओं की कीमतों में गिरावट देखने को मिलेगा। वही बात करें उच्च रक्तचाप, हृदयाघात जैसी बीमारियों में उपयोग होने वाली टेल्मिसर्टन दावा की कीमतों की तो यह दावा 7.65 फीसदी तक सस्ते दामों में उपलब्ध होगी। मेटमार्फिन भी 5.63 फीसदी तक सस्ती हुई।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: वन योजनाओं पर कड़ा रुख, मुख्य सचिव बोले...रिपोर्ट नहीं, रिजल्ट चाहिए
यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: हीट वेब को लेकर आए दिशा निर्देश


एनपीपीए का कहना है कि दवा मूल्य नियंत्रण आदेश 2013 के तहत सरकार हर साल कीमतों की समीक्षा करती हैं। साल 2022 के नवंबर में आवश्यक दवाओं की सूची में संशोधन किया गया था। इस सूची में 870 तरह की दवाएं शामिल हैं। इनमें से 651 दवाओं की कीमतें कम हुई हैं। एक अप्रैल से आवश्यक दवाओं की अधिकतम कीमत में 12.12 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई, पर संशोधित सूची की समीक्षा के चलते दवाएं सस्ती हुई हैं।


वरिष्ठ अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक पेरासिटामोल की गोली साल 2022 के अप्रैल तक 1.01 रूपये में मिलती थी लेकिन नवंबर 2022 में हुए संशोधन के बाद इसकी कीमत 80 पैसे तक पहुंच गई। साथ ही उनका कहना है कि 1 अप्रैल से नई कीमत के आधार पर यह 89 पैसे मे उपलब्ध है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: पहाड़ भी तपे, मैदान भी झुलसे उत्तराखंड में गर्मी का डबल अटैक

स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा: 3500 करोड़ रूपये की बचत

स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह दावा किया कि दवाओं की कीमतों में औसतन 16.62 फीसदी की कमी आई है जिसके चलते सालाना 3500 करोड़ रुपये की बचत होगी। साथ ही स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का कहना है कि अगर कंपनी पूरा भी दाम बढ़ा ले, तब भी औसतन 6.73 फीसदी की कमी अनुमानित है।

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें