Uttarakhand: जर्जर वार्ड, बंद ऑपरेशन थिएटर और वीरान गलियारे, रैमजे अस्पताल की हालत देख सांसद हुए हैरान

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नैनीताल। शहर के मध्य स्थित ऐतिहासिक जीबी पंत (रैमजे) अस्पताल की बदहाल स्थिति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। कभी कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में गिने जाने वाले इस अस्पताल में आज अधिकांश वार्ड, ऑपरेशन थिएटर और कार्यालय बंद पड़े हैं। अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप होने से स्थानीय लोगों में भी चिंता बनी हुई है।

करीब 27 एकड़ क्षेत्र में फैले इस अस्पताल में कभी बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज होता था…लेकिन वर्तमान में यहां चिकित्सा सुविधाएं बेहद सीमित रह गई हैं। अस्पताल के कई भवन जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं। कई कमरों में रखे उपकरण और बिस्तर उपयोग के अभाव में खराब हो चुके हैं।

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शुक्रवार को क्षेत्रीय सांसद ने अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी सामने आई। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने भी बताया कि अस्पताल में नियमित चिकित्सा सेवाएं नहीं चल रही हैं और मरीजों की संख्या भी नगण्य है।

निरीक्षण के बाद सांसद ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अस्पताल की स्थिति में सुधार के लिए ठोस योजना तैयार करने को कहा। साथ ही अस्पताल के पुनर्विकास और जीर्णोद्धार के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि अस्पताल को फिर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।

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जानकारी के अनुसार अस्पताल में वर्तमान में सीमित स्टाफ तैनात है। एक चिकित्सक उच्च शिक्षा के लिए अवकाश पर हैं…जबकि कुछ आवश्यक पद लंबे समय से रिक्त बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल के विकास से जुड़े कई प्रस्ताव तैयार किए गए हैं और उन पर आगे कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

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अस्पताल परिसर में वर्तमान समय में डायलिसिस की सुविधा संचालित की जा रही है…जिससे मरीजों को कुछ राहत मिल रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि अस्पताल का उचित रखरखाव और संसाधनों का विकास किया जाए तो यह एक बार फिर क्षेत्र के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना सकता है।

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