- पटवारियों की गृह तहसील में तैनाती पर रोक
- एक परगना या तहसील में लगातार 5 साल से अधिक अवधि तक नहीं रह सकेंगे तैनात
देहरादून। शासन ने राजस्व उप निरीक्षक यानी पटवारियों और लेखपालों की स्थाई आवास की गृह तहसील में तैनाती पर रोक लगा दी है। वे एक परगना या तहसील में लगातार पांच साल से अधिक अवधि तक तैनात नहीं रह सकेंगे। इस संबंध में अपर सचिव राजस्व डॉ. आनंद श्रीवास्तव ने आदेश जारी कर दिए हैं।
गृह तहसील व एक ही स्थान पर लंबे समय से जमे होने के कारण सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश राजस्व उप निरीक्षकों पर मनमानी की शिकायतें सरकार को मिलती रहती हैं। पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था बनाने के लिए शासन ने उनकी तैनाती के नियमों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद को भेजे पत्र में कहा गया है कि राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी)
एक क्षेत्र में निरंतर तीन वर्ष से अधिक एवं परगना या तहसील में लगातार पांच वर्ष से अधिक तक तैनात नहीं रह सकेगा। स्थानांतरित कर दिए जाने के बाद अगले पांच वर्षों तक वह पिछली तहसील या परगना क्षेत्र में वापसी नहीं कर सकेगा।
शासन ने राजस्व उपनिरीक्षक नियमावलियों में दिए गए इन सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।


अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



उत्तराखंड: UKPSC ने जारी किया भर्ती परीक्षा कैलेंडर
विज्ञान संगोष्ठी में चमका हल्द्वानी, इन विद्यार्थियों का जिला स्तर पर हुआ चयन
हल्द्वानी :(बड़ी खबर) हल्द्वानी RTO कार्यालय में चली गोली, मचा हड़कंप
देहरादून :(बड़ी खबर) इन जिलों में अगले 18 घंटों रेड अलर्ट जारी सावधान रहे!
उत्तराखंड: नैनीताल जिले में भारी बारिश के अलर्ट के चलते कल छुट्टी घोषित
उत्तराखंड: हजारों लोगों के साथ सड़कों पर उतरा बिंदुखत्ता, राजस्व ग्राम की मांग को लेकर निकली पदयात्रा
उत्तराखंड में यहाँ निर्माण के दौरान भरभराकर गिरी दीवार, मलबे में दबे दो मजदूरों की मौत !
टिक्की खाने पहुंचे थे CM धामी, सामने आई 8 साल के बच्चे की परेशानी, अब सरकार उठाएगी उपचार का खर्च
बैडमिंटन खेल रहे थे बच्चे, अचानक हुआ विवाद और चली गई 12 साल के ईशान की जान
लोक कला से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही तनुजा, Aipan Art से उत्तराखंड की संस्कृति को दे रहीं नई पहचान 
