कांग्रेस ने कानून व्यवस्था, महिला अपराध, बेरोजगारी, महंगाई ,पलायन समेत तमाम मुद्दों को लेकर किया राज भवन कूच।
जनता कह रही है भाजपा गई,गई और गई:- हरीश रावत
देहरादून- कांग्रेस का कानून व्यवस्था,महिला अपराध, बेरोजगारी, महंगाई ,पलायन समेत तमाम मुद्दों को लेकर राज भवन कूच के लिए तो निकले लेकिन हाथीबड़कला में उन्हें भारी पुलिस बल का भी सामना करना पड़ा। हालांकि हजारों की संख्या में आए कांग्रेसी पुलिस बल के लिए भी चुनौती जरूर बने, जिसके चलते कांग्रेसी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। कांग्रेस ने कहा ये जनसैलाब 2027 में परिवर्तन करके दिखाएगा।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज हजारों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में राज भवन घेराव करने की कोशिश की इस दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा जगह बैरिकेडिंग लगाकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया गया हालांकि राज भवन से कुछ ही दूर पहले सेंटीरियो मॉल पर पुलिस ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को रोका इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं व पुलिस के बीच तीखी नोंकझों में हुई वही सेंटरियों मॉल पर पुलिस प्रशासन द्वारा तीन लेयर में सुरक्षा व्यवस्था की गई थी जिसकी दो लेयर तोड़ने में कांग्रेस के कार्यकर्ता सफल रहे आखिर तीसरी लेयर पर पुलिस प्रशासन में उन्हें पूरी तरीके से रोक दिया। इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के द्वारा तीखी प्रक्रिया देते हुए सरकार विरोधी नारे भी लगाए गए।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि ये जनभावनाओं का सैलाब है।कहा कि ये जन सैलाब 1 करोड़ 40 लाख उत्तराखंडी भाई बहनों का जनसैलाब है जो कांग्रेस के रूप में सड़क पर उतरा है,और परिवर्तन का आगाज कर रहा है परिवर्तन का आह्वान कर रहा है। कहा कि जनता कह रही है भाजपा गई, गई और गई।
वही भुवन कापड़ी, जो उत्तराखंड विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हैं, ने आरोप लगाया कि सरकार संभावित भीड़ और जनसमर्थन से घबराई हुई है। उनका कहना है कि पार्टी को अपने सूत्रों से जानकारी मिली है कि प्रदेशभर से बड़ी संख्या में लोग घेराव में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। इसी कारण प्रशासनिक स्तर पर बसों को रोके जाने, शहर में बैरिकेडिंग करने और पोस्टर-होर्डिंग हटाने जैसी कार्रवाई की जा रही है।
कापड़ी ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की नौकरियां बेची जा रही हैं, महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। साथ ही खनन से मिलने वाले राजस्व और बाहरी कंपनियों को लाभ पहुंचाने जैसे मुद्दे भी उठाए।विपक्ष का दावा है कि प्रदेश की जनता इन मुद्दों को लेकर आक्रोशित है और सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराने के लिए तैयार है।

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