हल्द्वानी :(बड़ी खबर) IG कुमाऊं निवेदिता कुकरेती ने जिले के कप्तानों को दिए स्पष्ट निर्देश, अपराधों के खुलासे में न हो देरी

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आईजी कुमाऊँ रेंज ने की मासिक अपराध गोष्ठी, अपराध नियंत्रण एवं पुलिसिंग में गुणवत्ता बढ़ाने के दिए निर्देश

हल्द्वानी,: पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ परिक्षेत्र, श्रीमती निवेदिता कुकरेती द्वारा आज परिक्षेत्रीय जनपदों के जनपद प्रभारियों के साथ मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित कर अपराध एवं कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। गोष्ठी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर श्री अजय गणपति, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा श्री चन्द्रशेखर घोडके, पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ श्री अक्षण प्रहलाद कोंडे, पुलिस अधीक्षक चम्पावत श्रीमती रेखा यादव तथा पुलिस अधीक्षक बागेश्वर श्री जितेन्द्र मेहरा उपस्थित रहे।

गोष्ठी में मासिक अपराध गोष्ठी से संबंधित 46 बिन्दुओं पर जनपदों द्वारा की जा रही कार्यवाही की समीक्षा करते हुए पुलिस महानिरीक्षक द्वारा अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह एवं तकनीक आधारित बनाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

नवीन आपराधिक कानूनों एवं ICJS की समीक्षा

केन्द्रीय गृह सचिव, भारत सरकार के दिनांक 27.05.2026 के पत्र के क्रम में नवीन आपराधिक कानूनों एवं ICJS के अंतर्गत की जा रही कार्यवाही की समीक्षा की गई। विशेष रूप से 60/90 Days Timeline में आरोप पत्र/अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने, e-Sakshya के अधिकतम उपयोग, Zero FIR तथा e-Summon की प्रगति की समीक्षा की गई। आईजी ने निर्देशित किया कि नवीन आपराधिक कानूनों के प्रावधानों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा तकनीकी माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जाए।

ऑनलाइन पोर्टल एवं तकनीकी पुलिसिंग पर विशेष जोर

गोष्ठी में IIF-08, 09 एवं 10, Secure Malkhana Portal तथा CCTNS के माध्यम से Daily Crime Report प्रेषित किए जाने की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही NCRP, MRM, GRM, Samanvaya, CIAR Portal, e-Zero FIR, Hotspot Analysis, CSEAM तथा Cyber Slavery के संबंध में जनपदों द्वारा की जा रही कार्यवाही की भी समीक्षा की गई।

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आईजी कुमाऊँ ने साइबर अपराधों की रोकथाम एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए संबंधित पोर्टलों पर लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने तथा साइबर अपराध के हॉटस्पॉट की पहचान कर प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

01 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक कुमाऊँ परिक्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियां

मासिक अपराध गोष्ठी के दौरान दिनांक 01.01.2026 से 31.07.2026 तक कुमाऊँ परिक्षेत्र में की गई प्रभावी पुलिस कार्यवाहियों एवं अपराध नियंत्रण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई

नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत कुमाऊँ परिक्षेत्र में NDPS Act के अंतर्गत कुल 382 अभियोग पंजीकृत कर 519 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इनमें वाणिज्यिक मात्रा से संबंधित 32 अभियोगों में 55 अभियुक्तों की गिरफ्तारी शामिल है। इस अवधि में NDPS Act के अंतर्गत 12 अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई।

इसके अतिरिक्त NDPS Act से संबंधित 381 मालों का निस्तारण किया गया।

इस अवधि में बरामद मादक पदार्थों में 45 किलोग्राम चरस, 7.338 किलोग्राम स्मैक/ब्राउन शुगर/हेरोइन, 1050.700 किलोग्राम गांजा, 4.6 किलोग्राम अफीम, 36.8 किलोग्राम डोडा, 40,257 नशीली गोलियां/कैप्सूल तथा 1,791 नशीले इंजेक्शन शामिल हैं। बरामद मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत ₹25,66,71,407 है।

पुलिस महानिरीक्षक ने नशे के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सप्लाई चेन की पहचान, मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा वित्तीय एवं गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

गंभीर अपराधों के अनावरण में बेहतर प्रदर्शन

कुमाऊँ परिक्षेत्र में गंभीर अपराधों के अनावरण में पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई की गई। दिनांक 01.01.2026 से 31.07.2026 तक लूट के 94 प्रतिशत, डकैती के 100 प्रतिशत, चोरी के 76 प्रतिशत, हत्या के 96 प्रतिशत, बलात्कार के 100 प्रतिशत, वाहन लूट के 100 प्रतिशत, चैन स्नैचिंग के 79 प्रतिशत, महिला व्यपहरण के 96 प्रतिशत तथा दहेज हत्या के 93 प्रतिशत मामलों का अनावरण किया गया।

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आईजी ने शेष अनावरण हेतु लंबित गंभीर अपराधों में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत पर्यवेक्षण करते हुए शीघ्र अनावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

गुमशुदा व्यक्तियों की बरामदगी

गुमशुदा व्यक्तियों की बरामदगी के क्षेत्र में भी पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई की गई। इस अवधि में 12 वर्ष से कम आयु के 10 बालक/बालिकाओं, 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 210 बालक/बालिकाओं, 299 पुरुषों एवं 532 महिलाओं सहित कुल 1,051 गुमशुदा व्यक्तियों को बरामद किया गया।

पुलिस महानिरीक्षक ने गुमशुदगी के मामलों में विशेषकर नाबालिगों से संबंधित प्रकरणों में तत्काल कार्रवाई, तकनीकी संसाधनों के उपयोग तथा संबंधित परिवारों से निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

परीक्षेत्रीय शिकायत प्रकोष्ठ द्वारा 905 शिकायतों का निस्तारण

जनसामान्य की शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की दिशा में परिक्षेत्रीय शिकायत प्रकोष्ठ द्वारा भी प्रभावी कार्रवाई की गई। दिनांक 01.01.2026 से 31.07.2026 तक मुख्यालय एवं विभिन्न माध्यमों से कुल 1,048 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 905 शिकायतों का निस्तारण किया गया।

पुलिस महानिरीक्षक ने लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा करते हुए शिकायतकर्ताओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक शिकायत के निस्तारण में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

गंभीर एवं लंबित अपराधों की समीक्षा

गोष्ठी में MCU एवं NAFIS की प्रगति के साथ-साथ दो वर्ष से अधिक समय से लंबित मूल, पार्ट-पैंडिंग एवं पुनः लंबित अभियोगों की समीक्षा की गई। हत्या, डकैती, लूट, चैन स्नैचिंग, चोरी एवं नकबजनी जैसे एसआर श्रेणी के अनावरण हेतु शेष अभियोगों की भी समीक्षा की गई।

पुलिस महानिरीक्षक ने निर्देश दिए कि गंभीर एवं अनावरण हेतु लंबित अभियोगों में वरिष्ठ अधिकारी स्वयं प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें तथा लंबित मामलों के शीघ्र अनावरण के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।

महिला एवं कमजोर वर्ग से संबंधित मामलों में समयबद्ध कार्रवाई

दो माह से अधिक समय से लंबित बलात्कार, पॉक्सो तथा एससी/एसटी अधिनियम से संबंधित विवेचनाधीन अभियोगों की समीक्षा करते हुए आईजी ने ऐसे मामलों में संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों की विवेचना में अनावश्यक विलम्ब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।

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लंबित विभागीय प्रकरणों एवं शिकायतों की समीक्षा

पुलिस मुख्यालय एवं परिक्षेत्रीय कार्यालय से प्रेषित महत्वपूर्ण लंबित पत्रों, शासन, पुलिस मुख्यालय, मानवाधिकार आयोग, राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण एवं अल्पसंख्यक आयोग से प्राप्त लंबित शिकायतों की समीक्षा की गई।

CM Helpline एवं CCTNS की समीक्षा

CM Helpline Portal पर 100 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों का जनपदवार संज्ञान लेते हुए आईजी ने निर्देशित किया कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही CCTNS पोर्टल पर IIF फार्मों की स्थिति एवं e-Beat व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

वाहनों के निस्तारण एवं अन्य लंबित प्रकरणों पर निर्देश

थानों पर लंबित वाहनों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा करते हुए पुलिस महानिरीक्षक ने नियमानुसार लंबित वाहनों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही जांच प्रकोष्ठ से संबंधित जांच प्रपत्रों तथा परिक्षेत्रीय कार्यालय से निर्गत निर्देशों एवं पूर्व में आयोजित गोष्ठियों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई।

पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती निवेदिता कुकरेती ने सभी जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया कि अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं एवं शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, नवीन आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी पोर्टलों का शत-प्रतिशत उपयोग तथा पुलिसिंग में जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्तर पर दिए गए निर्देशों का धरातल पर प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा जनसामान्य को त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

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