देहरादून। प्रदेश के 22 हजार उपनल कर्मचारियों की नजर सुप्रीम कोर्ट में 20 जनवरी को होने वाले फैसले पर टिकी है। कर्मचारियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट से सरकार की विशेष अनुमति याचिका एक बार खारिज हो गई थी। उसके बाद सरकार ने फिर से पुनर्विचार याचिका दाखिल की है।
उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चे के अध्यक्ष विनोद गोदियाल के मुताबिक विभिन्न विभागों में उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने के संबंध में उच्च न्यायालय नैनीताल ने 12 नवंबर
20 जनवरी को है सरकार की पुनः पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
2018 को आदेश जारी किया था, लेकिन सरकार इस आदेश पर अमल करने के बजाय इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई थी। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट इस याचिका को खारिज कर चुकी है। उसके बाद सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है। उपनल के हजारों कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है।
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