
यूके बॉय के कोरोना (corona) रैप गीत ने मचाया धमाल..
उत्तराखंड के युवा दिलों में अपने पहाड़ी रैप गीतों से धूम मचाने वाले रैप सिंगर

उत्तराखंड के युवा दिलों में अपने पहाड़ी रैप गीतों से धूम मचाने वाले रैप सिंगर

24 अप्रैल 1884 यह दिन कुमाऊ के इतिहास में लिखा जाने वाला था क्योंकि इसी

मोहनलाल बौठियाल पौड़ी गढ़वाल के दुग्गड़ा ब्लॉक के एता में सुबह-सुबह अपने गेहू के खेतों

हम सभी ने नौले के अंदर से पानी के कनस्तर को निकाला और नौले की

अपनी गायकी से पहाड़ की लोक संस्कृति को देश के हर हिस्से तक पहुंचाने वाले

कोरोनावायरस (corona virus) कोविड-19 से जंग लड़ने के लिए पूरे देश में 3 मई तक

तिमल या तिमला के नाम से जाना जाने वाला पर्वतीय फल जो अपने पौष्टिकता और

बिखौती कुमाऊँ मनाए जाने वाला एक ऐसा त्यौहार जिसे गेंहू की फसल पकने और लहलाते

पहाड़ के संघर्ष भरे जीवन और सुनहरी यादों का प्रमाण घर के आंगन में बने

उत्तराखंड के सुरीली आवाज बन चुके सुपरस्टार लोक गायक बीके सामंत के “थल की बजारा”