श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 26 हजार मासिक हो तय
देहरादून। सेन्टर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स ने उत्तराखंड न्यूनतम वेतन अधिसूचना को श्रमिकों के साथ छलावा बताया। तत्काल इसे खारिज करते हुए न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए मासिक किए जाने की मांग की।सीटू के प्रदेश अध्यक्ष एमपी जखमोला ने बताया कि सरकार ने श्रमिकों के न्यूनतम वेतनमान की नई व्यवस्था कर दी है।
इसके अनुसार एक अप्रैल 2026 से प्रभावी न्यूनतम वेतन अकुशल श्रमिकों के लिए 13,800 रुपये, अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए 15,000 रुपये और कुशल श्रमिकों केलिए 16,900 रुपये निर्धारित किया गया है। ये पूरी तरह से एकतरफा फैसला है। इसका न कोई वैज्ञानिक आधार और न ही कोई उचित वैधानिक प्रक्रिया है। दावा किया गया है कि ये ‘त्रिपक्षीय समिति’ की सिफारिशों पर आधारित है। ये पूरी तरह झूठ है। किसी भी केंद्रीय ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों, आंदोलित श्रमिकों के प्रतिनिधियों के साथ ऐसा कोई परामर्श नहीं किया गया। महासचिव राजेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत राज्य न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड का गठन किया जाए।

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