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उत्तराखंड में कल आपके मोबाइल पर बजेगी खतरे की घंटी! जानिए क्यों?

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उत्तराखंड में कल आपके मोबाइल पर बजेगी खतरे की घंटी! जानिए क्यों?

अगर आपके मोबाइल पर भी तेज आवाज में घंटी बजने लगे तो घबराने की जरूरत नहीं है. क्योंकि यह एक टेस्टिंग इमरजेंसी अलर्ट होगा.

देहरादून: यदि कल शनिवार दो मई को आपका मोबाइल पर अचानक से खुद बज उठे तो घबराए मत. क्योंकि शनिवार को सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के जरिए एक परीक्षण अलर्ट जारी किया जाएगा. इस परीक्षण का उद्देश्य राज्य में स्थापित आपातकालीन सूचना प्रसारण प्रणाली की कार्यक्षमता का आंकलन करना है. साथ ही आपदा की स्थिति में चेतावनी संदेश समय पर व व्यापक रूप से प्रसारित हो सकें.

इस परीक्षण अलर्ट को परीक्षण अलर्ट ही समझे: उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों से उम्मीद की है कि वो इस परीक्षण अलर्ट को परीक्षण अलर्ट ही समझे. इस अलर्ट से किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है. सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण देहरादून की ओर से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से राज्य में आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है.

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कमियों को किया जाएगा दूर: इस पहल का मुख्य उद्देश्य मौसम पूर्वानुमान व आपदा संबंधी सूचनाओं को आम जनमानस तक समय पर और बेहतर ढंग से पहुंचाना है, ताकि संभावित आपदाओं के प्रति लोगों को पहले से सचेत किया जा सके और जन-धन की हानि को कम किया जा सक. ये परीक्षण तमाम मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाताओं के तहत आने वाले क्षेत्रों में किया जाएगा, जिससे यह आकलन किया जा सके कि अलर्ट संदेशों का प्रसारण कितनी प्रभावशीलता से हो रहा है और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है.

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साथ ही तमाम परिस्थितियों में संदेशों की त्वरितता व सटीकता का भी परीक्षण किया जाएगा. इस समग्र प्रक्रिया का उद्देश्य भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में राज्य के नागरिकों को समय रहते सचेत करना है, ताकि वे जरूरत के अनुसार सावधानी बरत सकें. इसके अलावा इस प्रणाली के जरिए आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन व आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा.

आपदा प्रबंधन विभाग का कहना है कि भविष्य में किसी भी प्रकार के आपदा की आशंका होने पर वास्तविक अलर्ट जारी किया जायेगा. ऐसे अलर्ट को गंभीरता से लिया जाना होगा और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करना जरूरी होगा. ऐसा करने से आपदा के पहले ससमय चेतावनी प्राप्त हो सकेगी. इसके साथ ही अपने और अपने परिजनों के साथ ही जानकारों का बचाव कर सकेंगे.

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आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि भविष्य में समय-समय पर इस प्रणाली के बारे में जागरूकता कार्यक्रम चलाते हुए लोगों को जागरूक किया जायेगा. ये प्रयास राज्य को आपदाओं के प्रति अधिक सजग, सुरक्षित एवं सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.

शनिवार यानि 2 मई को अपने फोन पर संदेश भारत द्वारा स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए अपने नागरिकों के लिए त्वरित आपदा चेतावनी सेवा हेतु सेल ब्रॉडकास्ट की शुरुआत की जा रही है. सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र. इस संदेश की प्राप्ति पर जनता से किसी प्रकार की कोई कार्रवाई अपेक्षित नहीं है. यह एक परीक्षण संदेश है. ऐसे मैसेज आपके मोबाइल पर गृह मंत्रालय से आएगा.

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