उत्तराखंड: फुटबॉल गेम्स में चमके वाजिद अली, संघर्ष से सफलता की मिसाल बने

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फुटबॉल गेम्स में चमके वाजिद अली, संघर्ष से सफलता की मिसाल बने

हरिद्वार – हल्द्वानी में आयोजित नेशनल गेम्स में फुटबॉल में उत्तराखंड टीम के रोशनाबाद निवासी वाजिद अली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीत कर द्वितीय स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके गांव बल्कि पूरे उत्तराखंड में खुशी की लहर दौड़ गई है। वाजिद ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया, जिन्होंने कठिनाइयों के बावजूद उनका हर कदम पर साथ दिया।

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वाजिद के पिता अलीशेर अली, जो मजदूरी कर परिवार चलाते हैं, ने अपने बेटे की शिक्षा और खेल के सपने को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत की। उन्होंने हर संभव कोशिश की कि वाजिद को खेल के मैदान में किसी भी चीज की कमी न हो। उनकी इसी मेहनत और बलिदान का परिणाम है कि आज उनका बेटा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है।वाजिद ने कहा, “जो कुछ भी मैं आज हूं, वो अपने माता-पिता की बदौलत हूं। उन्होंने अपनी जरूरतें भुलाकर मेरे सपनों को पूरा किया। आज जब मैंने पदक जीता, तो सबसे पहले मुझे अपने माता-पिता की मेहनत याद आई।”

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रोशनाबाद से ही भारतीय महिला हॉकी टीम की स्टार वंदना कटारिया भी आती हैं, जिन्होंने अपने खेल कौशल से गांव का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाया है। अब वाजिद अली भी उसी राह पर आगे बढ़ रहे हैं, जिससे गांव के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा बनी है। वाजिद के कोच और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वह भविष्य में और बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे।

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