उत्तराखंड: कौन हैं उत्तराखंड पीसीएस टॉपर जसमीत कौर? कैसी रही उनकी जर्नी

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कौन हैं उत्तराखंड पीसीएस टॉपर जसमीत कौर? कैसी रही उनकी जर्नी, जानिये सक्सेस मंत्रा

उत्तराखंड लोअर पीसीएस परीक्षा 2024 में जसमीत कौर टॉपर रही है.

रुद्रपुर: ऊधम सिंह नगर से एक गौरवपूर्ण खबर सामने आई है. रुद्रपुर की बेटी जसमीत कौर ने उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले और अपने परिवार का नाम रोशन किया है. उनकी इस शानदार सफलता के बाद घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. जसमीत ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और अपनी कड़ी मेहनत को दिया है.

जसमीत कौर ने प्रदेश में किया टॉप: रुद्रपुर उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पीसीएस परीक्षा में ऊधम सिंह नगर जिले की जसमीत कौर ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. उनकी इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी की लहर है. जसमीत के घर पर रिश्तेदारों, मित्रों, शुभचिंतकों और स्थानीय लोगों का लगातार आना-जाना लगा हुआ है. सभी उन्हें और उनके परिवार को इस बड़ी सफलता के लिए बधाई दे रहे हैं.

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जानिये जसमीत कौर की जर्नी: रुद्रपुर निवासी जसमीत कौर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शहर के आर्य पब्लिक स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने होली चाइल्ड स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की. उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली का रुख किया. वहीं से स्नातक की डिग्री हासिल की. बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहीं जसमीत ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों परीक्षाओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया था. इसके अलावा नौवीं कक्षा में उन्होंने अबेकस प्रतियोगिता में उत्तराखंड अवार्ड भी अपने नाम किया था.

दूसरे प्रयास में हासिल की बड़ी सफलता: जसमीत कौर ने बताया कि यह उनका दूसरा प्रयास था. पहले प्रयास में उनका चयन समाज कल्याण अधिकारी के पद पर हुआ था. वर्तमान में उनकी तैनाती बागेश्वर में जिला समाज कल्याण अधिकारी के रूप में है. हालांकि उन्होंने अपने लक्ष्य को और ऊंचा रखते हुए पीसीएस परीक्षा की तैयारी जारी रखी. इस बार प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर अपनी मेहनत का शानदार परिणाम प्राप्त किया.

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जसमीत कौर का सक्सेस मंत्रा: उन्होंने बताया परीक्षा की तैयारी के दौरान वह प्रतिदिन 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई करती थीं. नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास उनकी सफलता के प्रमुख आधार रहे. पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें बैडमिंटन खेलना भी बेहद पसंद है. जिससे उन्हें मानसिक संतुलन और ऊर्जा बनाए रखने में मदद मिलती थी.

जसमीत ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को दिया. उन्होंने कहा परिवार के निरंतर प्रोत्साहन और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.

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सफलता पर क्या बोले परिजन: जसमीत के पिता जसवंत सिंह पाहवा रुद्रपुर के गोल मार्केट स्थित गुरुद्वारे के पास सर्वोकोन की दुकान संचालित करते हैं. उन्होंने बताया उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें जसमीत उनकी इकलौती बेटी हैं. उन्होंने कहा बेटी की इस सफलता ने पूरे परिवार को गौरवान्वित कर दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को निरंतर प्रेरित और प्रोत्साहित करने से ही बेहतर परिणामों की उम्मीद की जा सकती है.

जसमीत कौर की यह सफलता न केवल ऊधम सिंह नगर बल्कि पूरे उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उन्होंने साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.

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