नैनीताल: हाईकोर्ट ने हाल ही में काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या से जुड़े मामले में नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने और संबंधित मुकदमे को निरस्त करने के याचिकाओं पर सुनवाई की। अवकाशकालीन न्यायाधीश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की पीठ ने पूर्व में पारित आदेश के आधार पर तीन अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से बताया गया कि यह मामला जमीन से जुड़े विवाद से जुड़ा है और सरकार इसे गंभीरता से ले रही है। मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी गई है…हालांकि अभी जांच शुरू नहीं हुई है। विपक्षी पक्ष को अपने जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है। अगली सुनवाई 15 अप्रैल 2026 को होगी।
मामला तब उजागर हुआ जब हल्द्वानी के काठगोदाम स्थित एक होटल में सुखवंत सिंह ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने फेसबुक पर पुलिस और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप था कि जमीन के लेन-देन में उनके साथ धोखाधड़ी की गई और लगभग चार करोड़ रुपए की ठगी हुई। शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की…उल्टा उन्हें धमकाया गया।
इस मामले में आईटीआई थाने में किसान के बड़े भाई की तहरीर पर कुल 26 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। याचिकाकर्ताओं की ओर से दावा किया गया कि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है और उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है। इसलिए अदालत से अनुरोध किया गया कि उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए और मुकदमा निरस्त किया जाए।

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