देहरादून: पिथौरागढ़ के टकाना में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अवैध हिरासत और पीट-पीट कर नुकसान पहुँचाने के मामले में राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने पूर्व आईपीएस लोकेश्वर सिंह को दोषी करार दिया है। प्राधिकरण ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश उत्तराखंड शासन के गृह विभाग को भेजी है और उन्हें पर्याप्त सुनवाई का अवसर देने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार लक्ष्मी दत्त जोशी ने 6 फरवरी 2023 को पिथौरागढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उनके साथ मारपीट और अवैध हिरासत रखने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस दौरान मेडिकल रिपोर्ट और एक्स-रे से चोटों के प्रमाण मिले। बाद में लोकेश्वर सिंह ने आरोप लगाया कि जोशी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं….लेकिन जांच में यह साबित नहीं हुआ।
तीन साल की सुनवाई के बाद प्राधिकरण ने पाया कि लोकेश्वर सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग कर पीड़ित को कार्यालय में बुलाया नग्न किया और मारपीट की। न्यायमूर्ति एनएस धानिक की अध्यक्षता वाली बेंच ने फैसला सुनाते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की।
बता दें लोकेश्वर सिंह ने 14 अक्टूबर 2025 को पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया था और वर्तमान में वह संयुक्त राष्ट्र से जुड़े राष्ट्रीय संगठन में कार्यरत हैं।

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