बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले से एक अनोखी और भावुक कहानी सामने आई है, जहां एक बुजुर्ग ने अपनी पत्नी की यादों को जिंदा रखने के लिए घर में ही उनका मंदिर बनवा दिया।
कपकोट क्षेत्र के फरसाली वल्ली तिलघर गांव निवासी 89 वर्षीय पूर्व सैनिक केदार सिंह कोश्यारी ने अपनी दिवंगत पत्नी लक्ष्मी देवी की स्मृति में यह मंदिर बनवाया है। खास बात यह है कि वह रोज सुबह-शाम पत्नी की मूर्ति की पूजा-अर्चना करते हैं और उनसे बातें भी करते हैं।

केदार सिंह ने बताया कि उनका और लक्ष्मी देवी का साथ वर्ष 1962 से शुरू हुआ था। जीवन के कई उतार-चढ़ाव के बावजूद उनका रिश्ता हमेशा मजबूत बना रहा। सेना में सेवा के दौरान वह अरुणाचल प्रदेश की सीमाओं पर भी तैनात रहे…लेकिन दूरी भी उनके रिश्ते को कमजोर नहीं कर सकी।
साल 2019 में एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान लक्ष्मी देवी का अचानक निधन हो गया…जिससे केदार सिंह गहरे सदमे में आ गए। लेकिन उन्होंने अपने प्यार को टूटने नहीं दिया और वर्ष 2020 में पत्नी की आदमकद मूर्ति बनवाकर घर में स्थापित कर दी।
आज भी केदार सिंह उसी भाव और श्रद्धा के साथ पत्नी की पूजा करते हैं…जैसे वह जीवित हों। उनकी दिनचर्या में सुबह-शाम आरती करना और उनसे बातचीत करना शामिल है।
संतान न होने के बावजूद वह अपने भाई के परिवार के साथ रहते हैं…लेकिन उनके जीवन का सबसे बड़ा सहारा आज भी पत्नी की यादें ही हैं।


अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



नैनीताल: ज्योलिकोट पर हाईकोर्ट गंभीर, मुख्य सचिव से हालकनामा मांगा, पेशी जारी रहेगी
भीमताल : आमा मंदिर से हरीश पनेरू ने किया चुनावी शंखनाद, भीमताल विधानसभा में भ्रष्टाचार और अनैतिक कार्यों के खिलाफ संघर्ष का किया ऐलान….
उत्तराखंड: M.A. और आपदा प्रबंधन की पढ़ाई के बाद खेती चुनी, 40 नाली जमीन पर विनोद ने खड़ा किया नया मॉडल
देहरादून :(बड़ी खबर) अहमद नदीम को मिला जिला सूचना अधिकारी, नैनीताल का चार्ज
दिल्ली से सीएम धामी ने चारधाम यात्रा पर लिया बड़ा अपडेट, अधिकारियों को दिए ये सख्त निर्देश
उत्तराखंड: जिस चट्टान तक पहुंचना भी मुश्किल, वहां कैसे पहुंचा सतीश? नदी में उतरने के बाद हुआ लापता
उत्तराखंड: दिल्ली की नौकरी छोड़ी, गांव लौटकर शुरू किया ट्राउट पालन; अब हर महीने 60 हजार तक कमाई
उत्तराखंड: 8 बार विधायक रहे गुलाब सिंह की 100वीं जयंती, जानिए क्यों आज भी याद किया जाता है उनका नाम
देहरादून :(बड़ी खबर) उपनल कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का रास्ता साफ, सरकार ने जारी किए निर्देश
हल्द्वानी: हादसों का हाईवे मोतीनगर में फिर हुआ एक्सीडेंट,मचा हड़कंप 
