सेप्टिक टैंक में दम घुटने से इंजीनियर समेत दो की मौत
टनकपुर: एपीजे अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में रविवार को निर्माणाधीन शौचालय के सेप्टिक टैंक की सटरिंग खोलने के दौरान कार्यदायी संस्था के एक इंजीनियर सहित दो लोगों की मौत हो गई। प्रथम दृष्टया दोनों की मौत का कारण दम घुटना बताया जा रहा है।
टनकपुर के छीनीगोठ स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में रविवार को छात्रावास के शौचालय के पिट का निर्माण कराया जा रहा था। पिट में डाली गई लिंटर की सटरिंग को रविवार करीब ढाई बजे खोला जा रहा था। इस दौरान 24 वर्षीय मिस्त्री हसन पुत्र तौकीर रजा निवासी ग्राम नौगांव तहसील बीसलपुर जिला पीलीभीत पिट में गया, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आया। इस पर निर्माण कंपनी के 28 वर्षीय इंजीनियर शिवराज चौहान पुत्र प्रेम सिंह निवासी चगेटी, भनौली दन्या जिला अल्मोड़ा भी उसे देखने पिट के नीचे उतरे। जब वह भी काफी देर तक बाहर नहीं निकले तो काम कर रहे मजदूरों ने साइट पर दूसरे इंजीनियर को सूचना दी। सूचना पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और पिट में अचेत पड़े दोनों को अस्पताल पहुंचाया। दोनों ने अस्ताल पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



उत्तराखंड को 1129 करोड़ की सौगात, गृहमंत्री अमित शाह ने पुलिस, आपदा और गंगा कॉरिडोर से जुड़ी परियोजनाओं की रखी नींव
उत्तराखंड: हरिद्वार में केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने किया राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन
उत्तराखंड : जोशीमठ की गार्गी उनियाल ने भारतीय वायु सेना (IAF) में अधिकारी बनकर किया कीर्तिमान स्थापित
उत्तराखंड : बदबू से खुला मौत का राज़, पत्नी-बेटे के सड़े शव मिले, पति फरार
हल्द्वानी : लालकुआं गौला गेट पर संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई, ओवरलोडिंग पर शिकंजा
हल्द्वानी : डॉ दिशा तिवारी का हल्द्वानी में हुआ स्वागत
उत्तराखंड: UPSC में पहाड़ के युवाओं ने लहराया परचम, देखें उत्तराखंड के युवाओं की पूरी लिस्ट
उत्तराखंड: 162 शरणार्थियों को मिली नागरिकता, गृहमंत्री ने दिए नियुक्ति पत्र
उत्तराखंड : विकास और सुशासन से बदल रहा भारत – मुख्यमंत्री धामी
उत्तराखंड: हरिद्वार की सभा में अमित शाह का बड़ा ऐलान, बोले – केदारनाथ से कन्याकुमारी तक घुसपैठियों की अब खैर नहीं 

