उत्तराखंड: जमीन घोटाले में फंसे दो IAS अफसरों को नहीं मिली राहत, 6 महीने और बढ़ा सस्पेंशन

KhabarPahad-App
खबर शेयर करें -

देहरादून। हरिद्वार नगर निगम भूमि प्रकरण में फंसे दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। केंद्र सरकार ने उनके निलंबन की अवधि अगले छह महीने के लिए बढ़ा दी है। इसके बाद दोनों अधिकारी अब आगामी छह महीने तक निलंबित रहेंगे।

इस मामले में तत्कालीन हरिद्वार जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह और तत्कालीन नगर निगम आयुक्त वरुण चौधरी पहले से निलंबित चल रहे हैं। दोनों अधिकारियों का एक वर्ष का निलंबन पूरा होने के बाद मामले की समीक्षा की गई…लेकिन निलंबन समाप्त करने के बजाय इसे आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया।

यह भी पढ़ें 👉  श्रद्धालुओं के लिए जरूरी खबर, केदारनाथ के एक मार्ग पर लगा प्रतिबंध

यह मामला हरिद्वार नगर निगम से जुड़ी जमीन खरीद और भुगतान प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। आरोप है कि करोड़ों रुपये के भूमि लेनदेन में नियमों का पालन नहीं किया गया…जिसके बाद शासन स्तर पर जांच शुरू की गई थी।

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून:(बड़ी खबर) ट्रांसफर एक्ट को लेकर Update

जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। अब केंद्र सरकार के फैसले के बाद दोनों अधिकारियों को बहाली के लिए और इंतजार करना होगा।

मामले में निलंबित पीसीएस अधिकारी अजयवीर सिंह को भी फिलहाल राहत मिलने की संभावना कम मानी जा रही है। उनके मामले की समीक्षा प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।

इस प्रकरण की जांच विभिन्न स्तरों पर जारी है। विजिलेंस विभाग अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप चुका है…जबकि अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: यहां कब्र खोदकर निकाला गया शव, दोबारा पोस्टमार्टम से सामने आ सकती है सच्चाई

सरकार का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने और कानूनी औपचारिकताएं समाप्त होने के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल दोनों आईएएस अधिकारियों का निलंबन आगामी छह महीने तक प्रभावी रहेगा।

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें