उत्तराखंड: पिथौरागढ़ में शीतलहर से बचाव: अलाव, रैन बसेरों और सड़क सुरक्षा की सख्त व्यवस्था

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पिथौरागढ़ : जनपद पिथौरागढ़ में बढ़ती शीतलहर और गिरते तापमान को देखते हुए प्रशासन ने आमजन, विशेषकर गरीब, निराश्रित और जरूरतमंद लोगों की सुरक्षा और राहत के लिए विशेष कदम उठाए हैं।

जनपद के समस्त उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में विभिन्न शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 35 स्थलों पर नियमित रूप से अलाव जलाए जा रहे हैं। जरूरतमंद लोगों को कंबलों का वितरण भी किया जा रहा है, ताकि कोई व्यक्ति ठंड से प्रभावित न हो।

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रैन बसेरों में पर्याप्त बिस्तर, स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरी व्यवस्था और शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को इन स्थलों का नियमित निरीक्षण करने के लिए कहा गया है।

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शीतकाल में पाले के कारण फिसलन की समस्या को ध्यान में रखते हुए पाला प्रभावित और संवेदनशील सड़कों पर नमक और चूने का छिड़काव करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग और सड़क मार्गों से जुड़े अन्य विभागों को दिए गए हैं। साथ ही, ऐसे स्थलों पर चेतावनी साइनेज बोर्ड लगाकर वाहन चालकों को सतर्क किया जा रहा है, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।

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सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और शीतलहर के दौरान आमजन की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

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