ऋषिकेश: उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ऋषिकेश में स्थित बजरंग सेतु पर आने वाले पर्यटकों के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब पुल के कांच (ग्लास) से बने विशेष हिस्से पर चलने के लिए निर्धारित शुल्क देना होगा। हालांकि पुल के सामान्य डामर वाले हिस्से से आने-जाने वाले लोगों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अनुसार, 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए ग्लास डेक का शुल्क 100 रुपये तय किया गया है। वहीं 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों और किशोरों के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
विभाग का कहना है कि बजरंग सेतु का ग्लास डेक पर्यटकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बन चुका है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं…जिससे इसकी नियमित सफाई, तकनीकी निरीक्षण, सुरक्षा और रखरखाव पर लगातार खर्च आता है। इसी को देखते हुए उपयोगकर्ता शुल्क लागू करने का निर्णय लिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि शुल्क से प्राप्त राशि का उपयोग केवल ग्लास डेक की देखरेख, सुरक्षा व्यवस्था और समय-समय पर होने वाली मरम्मत पर किया जाएगा…ताकि यह सुविधा लंबे समय तक सुरक्षित बनी रहे।
आधुनिक तकनीक से तैयार बजरंग सेतु करीब 132 मीटर लंबा और 8.6 मीटर चौड़ा है। पुल के दोनों किनारों पर मजबूत बहु-परत (मल्टी-लेयर) टफेंड ग्लास से बने पैदल मार्ग तैयार किए गए हैं, जहां से गंगा नदी और आसपास के प्राकृतिक दृश्यों का अनोखा अनुभव मिलता है। वहीं बीच का सामान्य मार्ग पहले की तरह सभी के लिए निशुल्क खुला रहेगा।

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