उत्तराखंड के जंगलों में अब दिखेगा ब्रह्मांड

KhabarPahad-App
खबर शेयर करें -

देहरादून। उत्तराखंड वन विभाग राज्य में पर्यटन को नया आयाम देने की तैयारी कर रहा है। विभाग अब इको टूरिज्म के साथ एस्ट्रो टूरिज्म (खगोलीय पर्यटन) को जोड़ने की योजना बना रहा है। इस पहल के तहत पर्यटक जंगलों के बीच स्थित वन विश्राम गृहों और गेस्ट हाउसों से रात में तारों…ग्रहों और आकाशगंगाओं का नजारा देख सकेंगे।

वन विभाग के अनुसार…राज्य के कई वन क्षेत्र शहरों की रोशनी से दूर हैं…जहां प्रकाश प्रदूषण बहुत कम है। ऐसे स्थान एस्ट्रो टूरिज्म के लिए आदर्श माने जाते हैं। यहां पर्यटकों को दूरबीन और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से ब्रह्मांड से जुड़ी जानकारियां दी जाएंगी।
एस्ट्रो टूरिज्म के तहत स्टार गेजिंग, नाइट स्काई वॉक, एस्ट्रो फोटोग्राफी और खगोलीय प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकते हैं। इससे पर्यटकों को प्रकृति के साथ-साथ अंतरिक्ष की दुनिया को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  भीमताल : आमा मंदिर से हरीश पनेरू ने किया चुनावी शंखनाद, भीमताल विधानसभा में भ्रष्टाचार और अनैतिक कार्यों के खिलाफ संघर्ष का किया ऐलान….
Ad

वन विभाग निजी विशेषज्ञों और खगोल विज्ञान से जुड़ी संस्थाओं के सहयोग से इस परियोजना को शुरू करने की तैयारी में है। शुरुआती चरण में कुछ चुनिंदा वन विश्राम गृहों और गेस्ट हाउसों में पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा सकता है।

अधिकारियों के मुताबिक, कॉर्बेट क्षेत्र…राजाजी टाइगर रिजर्व के आसपास के वन क्षेत्र, चकराता, टिहरी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर जैसे इलाके एस्ट्रो टूरिज्म के लिए उपयुक्त हो सकते हैं।
वन विभाग का मानना है कि इस पहल से पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा…स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही लोगों में खगोल विज्ञान और प्राकृतिक अंधेरे के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ेगी।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  देहरादून :(बड़ी खबर) उपनल कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का रास्ता साफ, सरकार ने जारी किए निर्देश
Ad AdAd Ad
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें