नैनीताल। हाईकोर्ट ने बागेश्वर जिले की तहसील कांडा के कई गांवों में खड़िया खनन के चलते आई दरारों के मामले में स्वतः संज्ञान लेने वाली जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए खनन पर रोक जारी रखी है। कोर्ट ने खनन के 160 पट्टा धारकों को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र एवं वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ के समक्ष वर्चुअली कोर्ट में पेश हुए पुलिस अधीक्षक बागेश्वर ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर अवैध खनन में लगीं 124 पोकलैंड व जेसीबी मशीनें सीज कर दी गई हैं। कांडा तहसील के प्रभावित क्षेत्र में अवैध खनन से ग्रामीणों को होने वाले नुकसान का मुआवजा सरकार की ओर से दिए जाने पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि यह मुआवजा अवैध खननकर्ताओं से
वसूलना चाहिए। कोर्ट कमिश्नर ने क्षेत्र के ग्रामीणों के कुछ दस्तावेज व शिकायती पत्र कोर्ट में दाखिल किए गए। इसमें ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्होंने खनन पट्टाधारकों को खड़िया खनन की एनओसी नहीं दी थी। फर्जी तरीके से उनकी एनओसी बना ली गई।
इस मामले में हाईकोर्ट ने बागेश्वर जिला और पुलिस प्रशासन के साथ ही खनन व उद्योग विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। अगली सुनवाई 14 फरवरी को होगी।

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