अल्मोड़ा- कोरोनावायरस कोविड-19 पहाड़ के कई लोगों को बेरोजगार किया ऐसे लोग जो बड़े महानगरों में काम करते थे लॉकडाउन के दौरान कई लोगों की नौकरी चली गई लेकिन कई लोगों ने नौकरी छूटने के बाद खुद को पहाड़ में ऐसे स्थापित किया कि अब वह और लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं ऐसे ही एक नाम सोमेश्वर के महेश बिष्ट का है जो इन दिनों काफी चर्चा का विषय है क्योंकि महेश बिष्ट ने लॉकडाउन में नौकरी छूट जाने पर अपने बचपन के शौक को अपने आजीविका का हथियार बनाया बचपन से फोटोग्राफी के शौकीन महेश को लॉकडाउन में अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिला और इसी वजह से अब उनकी कई फोटो राष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाओ के लिए चयनित हुई है।
अल्मोड़ा के सोमेश्वर के मोवे गांव के रहने वाले महेश रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियर का डिप्लोमा करने के बाद रुद्रपुर सिडकुल में नौकरी कर चुके हैं कोविड-19 के दौरान उनकी नौकरी छूट गई इस दौरान वह गांव लौट आए और उन्होंने अपने बचपन के शौक को तराश कर उसमें हाथ आजमाने का फैसला किया महेश ने पहाड़ों वन्य जीव और प्राकृतिक नजारों के सुंदर-सुंदर फोटो लेकर उन्हें सोशल मीडिया में अपलोड करना शुरू किया इस दौरान उन्हें जानकारी मिली कि एक्सप्लोर वाइल्ड इन इंडिया राष्ट्रीय स्तर की मान्यता प्राप्त मैगजीन मैं उन्हें वन्य जीव संरक्षण अभियान के तहत प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है लिहाजा उन्होंने फोटो भेजनी शुरू की उनकी तस्वीरों को देख काफी सराहना की गई।
उन्होंने अपनी फोटोग्राफी के जरिए पहाड़ों की सुंदरता गांव के प्राकृतिक सौंदर्य यहां पाए जाने वाले जंगली पशु पक्षियों की फोटोग्राफ्स पत्रिका के लिए काफी पसंद होने लगी जिसके बाद उनके फोटो वहां प्रकाशित होने लगे।
महेश ने बताया कि कुछ फोटो एक्सप्लोर वाइल्ड इंडिया के लिए भी कई है हालांकि उन फोटोग्राफ का चयन अगले चरण में होना है लेकिन पहले चरण में उनके फोटोग्राफ्स की काफी सराहना हुई है और इस पत्रिका से राष्ट्रीय स्तर के 35 सौ से अधिक फोटोग्राफर जुड़े हैं।

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