देहरादून- उत्तराखंड में आवश्यक सेवाओं को प्रदान करने वाले वह भर्ती में देरी होने वाले विभागों को छोड़कर 3 साल से अधिक समय से खाली पड़े पद समाप्त होंगे, राज्य वित्त आयोग ने सरकार के इस सिफारिश को स्वीकार कर लिया है, इस बात की जानकारी विधानसभा के पटल पर बुधवार को रखी गई आयोग की कार्यवाही रिपोर्ट से हुआ है, रिपोर्ट के अनुसार खर्च पर नियंत्रण के लिए सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की सिफारिश भी मानी गई है।
आयोग ने 2021 से 26 तक के लिए सरकार को 43 महत्वपूर्ण सिफारिशें की थी, जिन पर सरकार ने कार्रवाई रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी हैं, पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे की अध्यक्षता में गठित पंचम राज्य वित्त आयोग ने राज्य सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपी थी। जिसमें ऐसे कर्मचारी जिन्हें कहीं समायोजित नहीं किया जा सकता आयोग ने उनके लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना तैयार करने की सलाह दी है, इसके अलावा राज्य सरकार की 90% हिस्सेदारी वाली सहकारी चीनी मिलों के निजीकरण उन्हें पीपीपी मोड पर चलाने वह एथेनॉल प्लांट बदलने की सिफारिशों का भी उल्लेख किया गया है।


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