IPS बने नैनीताल के SP क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र, CM धामी और DGP दीपम सेठ ने कंधों पर सजाए सितारे
नैनीताल। मेहनत, लगन और कर्तव्य के प्रति समर्पण जब मुकाम हासिल करता है तो वह दूसरों के लिए भी मिसाल बन जाता है। उत्तराखंड पुलिस के अधिकारी और वर्तमान में नैनीताल में एसपी क्राइम/ट्रैफिक के पद पर तैनात डॉ. जगदीश चंद्र के लिए 31 अक्टूबर का दिन यादगार बन गया। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नति मिलने पर राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने उनके कंधों पर IPS के सितारे सजाकर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उक्त कार्यक्रम मुख्यमंत्री आवास देहरादून में आयोजित किया गया।
डॉ. जगदीश चंद्र की इस उपलब्धि से नैनीताल पुलिस परिवार में खुशी का माहौल है। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने भी उन्हें IPS में पदोन्नति मिलने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वैज्ञानिक से IPS अधिकारी तक शानदार सफर
डॉ. जगदीश चंद्र की सफलता की कहानी उनकी मेहनत और शिक्षा के प्रति लगन को भी दर्शाती है। उन्होंने गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर से पर्यावरण विज्ञान में एमएससी की। इसके बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली से एमफिल और पीएचडी की उपाधि हासिल की।
उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने वर्ष 2025 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से मनोविज्ञान में भी स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान उन्हें ICAR-JRF, CSIR-UGC JRF/SRF और JRF-NET जैसी प्रतिष्ठित छात्रवृत्तियां भी मिलीं।
वैज्ञानिक से पुलिस सेवा तक तय किया लंबा सफर
डॉ. जगदीश चंद्र ने वर्ष 2002 से 2005 तक भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE), देहरादून में वैज्ञानिक के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने रांची और दार्जिलिंग में भी सेवाएं दीं।
वर्ष 2005 में उत्तराखंड राज्य पुलिस सेवा में शामिल होने के बाद उन्होंने देहरादून, चमोली और ऊधमसिंह नगर में पुलिस उपाधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2013 में अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नत हुए। इसके बाद देहरादून, काशीपुर और हल्द्वानी में नगर पुलिस अधीक्षक सहित 31वीं वाहिनी और IRB-1 में उप सेनानायक के रूप में सेवाएं दीं। वर्तमान में वह नैनीताल जिले में एसपी क्राइम/ट्रैफिक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
कुंभ से नंदा राजजात और कोरोना काल तक निभाई अहम जिम्मेदारी
अपने पुलिस सेवाकाल में डॉ. जगदीश चंद्र ने कई महत्वपूर्ण आयोजनों और चुनौतियों में अहम भूमिका निभाई। कुंभ मेले की ड्यूटी, नंदा राजजात यात्रा के सफल आयोजन, पुलिस बैंड के गठन और कोरोना महामारी के दौरान पुलिस की जिम्मेदारियों को उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ निभाया। गंभीर अपराधों के खुलासे और कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी उनका योगदान रहा है।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मिल चुके हैं कई सम्मान
डॉ. जगदीश चंद्र को उनकी सेवाओं के लिए वर्ष 2016 में नंदा राजजात यात्रा में उत्कृष्ट योगदान और वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान सराहनीय सेवा सम्मान चिह्न से सम्मानित किया गया। वहीं, वर्ष 2025 में भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने उन्हें पुलिस पदक (मेधावी सेवा) से अलंकृत किया।
वर्ष 2026 में IPS में पदोन्नति उनके लंबे सेवाकाल, मेहनत और समर्पण की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनकी इस सफलता पर नैनीताल पुलिस परिवार ने प्रसन्नता जताते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

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