रामनगर: उत्तराखंड के रामनगर में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने शनिवार को बड़े स्तर पर कार्रवाई की। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अपर कोसी क्षेत्र में सुबह करीब 6:30 बजे बुलडोजर पहुंचते ही मकानों को हटाने का काम शुरू हो गया। इस अभियान में करीब 80 से 82 परिवारों के घरों को निशाने पर लिया गया है। कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
प्रशासन की टीम सुबह से ही अभियान में जुटी हुई है। बुलडोजर के साथ वन विभाग और पुलिस के अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए फायर ब्रिगेड की टीम को भी तैनात किया गया है। पूरे अभियान पर प्रशासनिक अधिकारी नजर बनाए हुए हैं।
कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले परिवारों ने शुक्रवार रात से ही अपने घर खाली करने शुरू कर दिए थे। कई लोगों ने मकानों के दरवाजे, खिड़कियां और ईंटें निकालकर दूसरी जगह पहुंचाईं। कुछ परिवारों ने बुलडोजर आने से पहले खुद ही मकानों के हिस्से तोड़ दिए, ताकि घर में मौजूद जरूरी सामान को बचाया जा सके।
शनिवार सुबह प्रशासन की टीम निर्धारित कार्यक्रम के तहत मौके पर पहुंची और चिह्नित निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
अपर कोसी क्षेत्र में यह अभियान पहले से चल रही अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया का दूसरा चरण है। वर्ष 2025 में पहले चरण के दौरान करीब 51 परिवारों को हटाया गया था। इसके बाद दूसरे चरण में 90 से अधिक परिवारों के अतिक्रमण हटाने की तैयारी की गई।
हालांकि करीब 9 से 10 परिवारों के मामले उच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं। ऐसे परिवारों को फिलहाल मौजूदा कार्रवाई से अलग रखा गया है। बाकी बचे करीब 80 से 82 परिवारों के मकानों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।
बुलडोजर कार्रवाई के बीच प्रभावित परिवारों की मुश्किलें भी सामने आईं। घरों को खाली करने और सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाने की चिंता लोगों के चेहरों पर साफ दिखाई दी। कई महिलाएं और पुरुष भावुक नजर आए। प्रभावित लोगों का कहना है कि ठंड के मौसम में बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहने के लिए नया ठिकाना तलाशना उनके सामने बड़ी चुनौती है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर पुलिस और प्रशासन ने पहले ही विस्तृत सुरक्षा योजना बनाई थी। पूरे क्षेत्र को चार सुपर जोन, सात जोन और 14 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इससे अलग-अलग स्थानों पर पुलिस और प्रशासनिक टीमों की तैनाती और निगरानी की जा रही है।
वन विभाग और पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि अभियान के दौरान कानून व्यवस्था बनी रहे और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके। फिलहाल अपर कोसी क्षेत्र में बुलडोजर कार्रवाई जारी है।

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