बैरिकेड तोड़कर उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले निहंगों की घटना के बाद क्षेत्र में स्थिति को लेकर चिंता का माहौल बन गया था और आशंका जताई जा रही थी कि मामला तनावपूर्ण हो सकता है। ऐसे संवेदनशील समय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
प्रशासन और पुलिस ने संयम, संवाद और सूझबूझ के साथ निहंगों से बातचीत की, उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया और शांतिपूर्वक समझाया। मुख्यमंत्री के निर्देशों में हुई इस कार्रवाई का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि निहंग उसी रात शांतिपूर्वक वापस लौट गए। समय रहते इस संवेदनशील प्रकरण का समाधान कर संभावित तनाव को टाल दिया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में संवेदनशीलता और दृढ़ता, दोनों का समान महत्व है। जहां संवाद से समाधान संभव हो, वहां संवाद को प्राथमिकता दी जाती है और जहां कानून के पालन की आवश्यकता हो, वहां नियमों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



उत्तराखंड: उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण पर अब आखिरी सुनवाई, हाईकोर्ट ने 7 अक्टूबर की तारीख तय की
हल्द्वानी से धारचूला तक विकास का बड़ा प्लान, सीएम धामी ने मंजूर किए करोड़ों रुपये
पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी, उत्तराखंड में सीधे सरकारी नौकरी का मौका; 9 अक्टूबर आखिरी तारीख
उत्तराखंड की विकास यात्रा पर बोले सीएम धामी, स्थायित्व, रोजगार और युवाओं के अवसरों पर रखी बात
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज, सीईओ ने जिलाधिकारियों को दिए ये जरूरी निर्देश
उत्तराखंड: NSS स्थापना दिवस पर लमगड़ा कॉलेज में जुटे छात्र, स्वच्छता अभियान से दिया खास संदेश
देहरादून: फणीन्द्रनाथ शर्मा बने उत्तराखंड भाजपा के नए प्रदेश महामंत्री संगठन
रुद्रपुर कोतवाल प्रकाश दानू हटाए गए, शंकर सिंह बिष्ट को मिली नानकमत्ता की जिम्मेदारी
देहरादून: शिक्षकों के लिए खत्म हो टीईटी की बाध्यता, अखिल भारतीय शिक्षक महासंघ ने उठाई मांग 
