- उत्तराखंड: बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाया गया यह महत्वपूर्ण कदम।
Dehradun News- (नितेश बिष्ट) राज्य में स्कूली बच्चों के लिए अक्टूबर के बाद से नई स्कूल बस या लंबी दूरी पर चलने वाली बसों में फायर अलार्म सिस्टम लगाना अनिवार्य है। इस संबंध में परिवहन विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही विभाग का आदेश है कि फायर अलार्म सिस्टम के बिना आरटीओ कार्यालय में किसी भी बस का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। आपको बता दे स्कूल बसों और लंबी दूरी पर चलने वाली बसों में अक्सर ऐसे हादसे होते हैं जिस में आग लगने पर बड़े पैमाने पर जनहानि होती है।
इसको देखते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने स्कूल बसों में फायर अलार्म सिस्टम और सप्रेशन सिस्टम लगवाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल वाहनों के इंजन वाले हिस्से से निकलने वाली आग की पहचान के लिए अलार्म और सप्रेशन सिस्टम की व्यवस्था है। वाहन उद्योग मानक 135 के अनुसार इंजन में आग लगने की स्थिति में यह सिस्टम सतर्क कर देता है। सड़क परिवहन मंत्रालय का कहना हैं कि टाइप-3 बसों और स्कूल बसों के भीतर यात्रियों के बैठने वाले हिस्से में फायर अलार्म सिस्टम लगाने की व्यवस्था लागू की गई है। टाइप – 3 बसें लंबी दूरी तय करने के लिए डिजाइन की जाती हैं। अब एक अक्तूबर या इसके बाद आने वाली नई बसों, स्कूल बसों में अग्नि सुरक्षा उपाय करने अनिवार्य होंगे।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



उत्तराखंड: उपनल कर्मियों पर सुनवाई, कोर्ट में क्या चला पूरा मामला? जानिए
उत्तराखंड: यहाँ 90 लाख की हुई बड़ी चोरी, उद्योगपति का घर खंगाल गए चोर
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा में खाने की शिकायत? तुरंत इस टोल फ्री नंबर पर करें कॉल
उत्तराखंड: सीएम धामी का निरीक्षण, बोले…काम चाहिए रिजल्ट के साथ, देरी नहीं चलेगी
उत्तराखंड: यहाँ ट्रक से भिड़ी कार, महिला की जान गई, सात लोग अस्पताल में भर्ती
उत्तराखंड: पहाड़ भी तपे, मैदान भी झुलसे उत्तराखंड में गर्मी का डबल अटैक
उत्तराखंड: कमर्शियल वाहन चालकों के लिए जरूरी खबर, ग्रीन कार्ड ऑनलाइन शुरू
उत्तराखंड: वन योजनाओं पर कड़ा रुख, मुख्य सचिव बोले…रिपोर्ट नहीं, रिजल्ट चाहिए
उत्तराखंड: हीट वेब को लेकर आए दिशा निर्देश
उत्तराखंड: कल खुलेंगे बाबा केदार के कपाट, सीएम धामी करेंगे पूजा-अर्चना 

