टिहरी : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के देवस्थानम बोर्ड को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। रविवार को देवप्रयाग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला फूंका।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि देवस्थानम बोर्ड का पहले भी तीर्थ पुरोहितों, हक-हकूकधारियों और स्थानीय लोगों ने विरोध किया था…जिसके बाद इसे वापस लिया गया था…उनका आरोप है कि इस व्यवस्था को फिर से लागू करने की कोशिश धार्मिक परंपराओं और लोगों की भावनाओं के खिलाफ होगी।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तम सिंह असवाल ने कहा कि यदि सरकार दोबारा देवस्थानम बोर्ड लागू करने का प्रयास करती है…तो पार्टी पूरे उत्तराखंड में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी।
वहीं…पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि मंदिरों के बेहतर प्रबंधन के लिए देवस्थानम बोर्ड जैसी व्यवस्था उपयोगी हो सकती है। उनका मानना है कि ऐसी व्यवस्था होने से कई विवादों से बचा जा सकता था।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क रख रहे हैं।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
हमारे इस नंबर 7017926515 को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ें



सरकार से लेकर नेताओं तक पर बढ़ा दबाव, बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम के लिए 27 सितंबर को बड़ी रैली
हल्द्वानी: पेंशनभोगियों की मांगों को विधानसभा में उठाएंगे सुमित हृदयेश
मिशन 2027 से पहले BJP ने कसी कमर, गौलापार में 8 नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी
उत्तराखंड: यहां रक्षाबंधन से पहले भाई ने दो बहनों को मार डाला
अल्मोड़ा में जैविक और प्राकृतिक खेती का बनेगा बड़ा प्रशिक्षण केंद्र, 12.31 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र को भेजा
किसान परिवार की बेटी ने बॉक्सिंग में मचाया धमाल, अब मिलेगा हिमालय रत्न; जानिए कौन हैं खुशी चंद
बारिश को लेकर मौसम विभाग का बड़ा अपडेट, 30 अगस्त को रहें खास सावधान
बड़ी खबर: नेपाल में अचानक बाढ़ से भारी तबाही, 8 की मौत; भारत मे भी हाई अलर्ट
लालकुआं : (दुखद) समाजसेवी एवं युवा व्यापारी नेता दिनेश लोहनी का आकस्मिक निधन 



