नेपाल: तिब्बत से आए अचानक बाढ़ के पानी ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी है। भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से टिमुरे और स्याब्रुबेसी समेत आसपास के इलाकों में कई घर, दुकानें, सड़कें और दूसरी संपत्तियां प्रभावित हुई हैं। तेज बहाव में वाहन और सामान बहने की भी जानकारी सामने आई है।
इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 8 लोगों की मौत की सूचना है। टिमुरे बॉर्डर पोस्ट पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों के लापता होने की भी जानकारी सामने आई है। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं।

अचानक बढ़ा नदी का पानी, बह गया पुल
बाढ़ का बहाव इतना तेज था कि एक पुल भी इसकी चपेट में आकर बह गया। कई जगह सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। रसुवा में एक हाइड्रोपावर परियोजना को भी बाढ़ से नुकसान पहुंचने की जानकारी है।
प्रभावित क्षेत्र में स्थिति का जायजा लेने और लोगों को निकालने के लिए हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। हालांकि कुछ स्थानों पर बाढ़ के पानी से हेलिपैड के क्षतिग्रस्त होने के कारण रेस्क्यू अभियान में मुश्किलें भी सामने आईं।
बारिश कम, फिर इतनी बड़ी बाढ़ कैसे आई?
स्थानीय स्तर पर ज्यादा बारिश नहीं होने के कारण अधिकारियों को आशंका है कि बाढ़ का पानी तिब्बत की ओर से आया हो सकता है। शुरुआती तौर पर **ग्लेशियस लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) यानी ग्लेशियल झील के अचानक फटने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि पानी किस ग्लेशियल झील से आया। इसकी पुष्टि के लिए तकनीकी जांच और सैटेलाइट तस्वीरों की मदद ली जा रही है।
क्या होता है GLOF?
ऊंचाई वाले इलाकों में ग्लेशियरों के पास कई बार पानी जमा होकर झील बन जाती है। इन झीलों के किनारे बर्फ, मिट्टी और पत्थरों से बनी प्राकृतिक दीवार होती है। यदि यह कमजोर होकर टूट जाए तो झील का पानी अचानक तेज गति से नीचे की ओर बहता है।
इसी घटना को ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी GLOF कहा जाता है। ऐसी बाढ़ बेहद कम समय में नदी का जलस्तर कई गुना बढ़ा सकती है।
त्रिशूली नदी के किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह
भोटेकोशी में पानी बढ़ने के बाद आगे त्रिशूली नदी में भी जलस्तर बढ़ने का खतरा बताया गया है। इसके चलते रसुवा के अलावा नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन जैसे क्षेत्रों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
लोगों से नदी के किनारे जाने, मछली पकड़ने और अन्य गतिविधियों से बचने को कहा गया है। प्रशासन की ओर से खतरा बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
बिहार में भी बढ़ी चिंता, कई जिले हाई अलर्ट पर
नेपाल में आई बाढ़ को देखते हुए बिहार में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
बिहार में गंडक नदी और उससे जुड़े इलाकों पर निगरानी बढ़ाई गई है। संभावित फ्लैश फ्लड को देखते हुए NDRF और SDRF की टीमों को तैयार रखा गया है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में नाव, राहत शिविर और सामुदायिक रसोई जैसी व्यवस्थाएं शुरू करने की तैयारी है।
निचले इलाकों में रहने वालों से सावधानी की अपील
प्रशासन की ओर से नदी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। अचानक पानी बढ़ने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है।
फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है। बाढ़ से हुए नुकसान और लापता लोगों की संख्या को लेकर विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। दूसरी ओर बिहार प्रशासन भी नेपाल की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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